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120 की रफ्तार में पेड़ से घुसी कार, उड़े परखचे

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120 की रफ्तार में पेड़ से घुसी कार, उड़े परखचे
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मवाना के राफन चौराहे पर हादसा : पुलिस ने जेसीबी की मदद से कार से निकाले शव
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ/मवाना। मवाना कस्बा स्थित गुड़ मंडी निवासी अक्षित अग्रवाल अपने दोस्त रठौरा खुर्द निवासी साहिल नारंग के साथ रविवार को मेरठ में शादी की खरीदारी करने आया था। रात करीब 12 बजे दोनों दोस्त ब्रेजा कार से घर लौट रहे थे। मवाना पुलिस ने बताया कि कार के मीटर की सुई 120 पर अटकी थी। इससे अंदेशा लगाया गया कि कार की गति 120 से ऊपर रही होगी। वह बेकाबू होकर पेड़ों में घुस गई। कार की खिड़की क्षतिग्रस्त होकर अंदर घुसी और लॉक हो गई। काफी मशक्कत के बाद दोनों दोस्तों को कार से निकाला गया। मौके पर पहुंची फॉरेसिंक टीम ने भी जांच कर साक्ष्य जुटाए।
दीपावली पर बुझे दो घरों के चिराग
अक्षित अग्रवाल इकलौता पुत्र था। पिता की मवाना में सीमेंट के बैग बनाने की फैक्टरी है। पिता मुकेश अग्रवाल के साथ अक्षित फैक्टरी का काम देखता था। अक्षित की बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। मौत की खबर मिलते ही परिजनों और रिश्तेदारों का तांता लग गया। कॉलोनी में भी मातम छाया रहा। अक्षित और साहिल की कई सालों से दोस्ती थी। कॉलोनी के लोग भी उनकी दोस्ती के बारे में जानते थे। परिजनों ने बताया कि साहिल जब भी छुट्टी पर आता तो अक्षित से मिलने जरूर आता था।
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न्यूजीलैंड में पढ़ाई कर रहा था साहिल
साहिल न्यूजीलैंड में नौकरी के साथ पढ़ाई भी कर रहा था। वह एक सप्ताह पहले ही दीपावली का त्योहार मनाने घर लौटा था। चार दिसंबर को साहिल की शादी होनी थी। इसके लिए वह खरीदारी में जुटा था। वह अक्षित की मदद से शादी के सभी काम निपटा रहा था। परिवार के लोग साहिल का शव लेकर रात में रठौरा खुर्द पहुंचे। मां नीलम, भाई विकास नारंग, पिता व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पांच भाई-बहनों में साहिल सबसे छोटा था। पिता खेती-बाड़ी करते हैं।
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