- राजस्थान के कांवड़ियों के जत्थों से गूंजे बम-बम भोले
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर कांवड़ यात्रा का रंग अब पूरी तरह चढ़ने लगा है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने राज्यों की ओर लौट रहे शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार को राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए कांवड़ियों के लगातार जत्थे गंगनहर पटरी से गुजरते दिखाई दिए। शिवभक्तों के बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा मार्ग भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
पिछले एक सप्ताह तक गंगनहर पटरी पर इक्का-दुक्का कांवड़िये ही दिखाई दे रहे थे। शनिवार को भोले के भक्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। सुबह और शाम के समय अलवर, जयपुर, जोधपुर सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों के कांवड़ियों के जत्थे गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। दोपहर में भीषण गर्मी और उमस के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। कांवड़ मार्ग पर कुछ सेवा शिविरों का संचालन भी शुरू हो गया है। जहां शिवभक्तों के लिए पेयजल, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधिकांश बड़े शिविर सावन के पहले सोमवार से शुरू होंगे। तब तक कांवड़िये दिन में तेज धूप से बचने के लिए उपलब्ध शिविरों में विश्राम कर रहे हैं और शाम व रात के समय यात्रा जारी रख रहे हैं।
राजस्थान के कांवड़ियों के जत्थे में शामिल देवकीनंदन, हरिकेश, सुकरमपाल और रविमोहन सिंह ने बताया कि उन्होंने 26 जुलाई को हरिद्वार से गंगाजल उठाया था और लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। वह पिछले करीब 10 वर्षों से नियमित रूप से कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। उनका कहना है कि भगवान शिव की भक्ति ही उन्हें लंबी यात्रा की शक्ति प्रदान करती है।
मां के साथ कांवड़ लाए नन्हे शिवभक्त
राजस्थान के अलवर निवासी महिला शिवभक्त सावित्री अपने नौ वर्षीय पुत्र वंश और सात वर्षीय पुत्री प्रिया के साथ कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि तीनों ने 25 जुलाई को हरिद्वार से गंगाजल उठाया था। नन्हे कांवड़ियों का कहना है कि भगवान शिव का नाम लेते हुए यात्रा करने पर थकान का एहसास नहीं होता और पूरी यात्रा आनंदमय लगती है।
सोमवार से संचालित होंगे सेवा शिविर
सावन के पहले सोमवार से चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पर सेवा शिविरों का विधिवत संचालन शुरू हो जाएगा। सेवादारों ने अधिकांश स्थानों पर शिविर स्थापित कर लिए हैं और सोमवार को हवन-पूजन के साथ उनका शुभारंभ किया जाएगा। प्रशासन की अनुमति के अनुसार इस वर्ष कांवड़ मार्ग पर करीब 150 सेवा शिविर संचालित होंगे।
कांवड़ यात्रा की व्यवस्था की निगरानी
कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। एसडीएम उदित नारायण सेंगर और सीओ आशुतोष कुमार ने शनिवार को कांवड़ मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
सरधना। चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग से कांवड़ लेकर गुजरते शिवभक्त। संवाद