अच्छरौंडा गांव में दो मंजिला निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरने के बाद जानकारी लेती पुलिस।
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यह निर्माणाधीन बिल्डिंग महज 30 सेकेंड में भरभराकर ढह गई। हादसे से चंद मिनट पहले ही इमारत में 25 से ज्यादा लोग थे। जो बाल-बाल बचे। हालांकि कंट्रोल रूम पर दो दर्जन लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना ने पुलिस-प्रशासन के होश उड़ा दिए थे। देर रात डीएम जगतराज त्रिपाठी और एसएसपी जे. रविंदर गौड़ मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया।
नहीं मिला कोई मौका
चश्मदीद ठेकेदार गुलाब सिंह ने बताया कि शाम करीब पांच बजे उसका बेटा आशीष और मजदूर रमेश अंदर ही कपड़े बदल रहे थे। अचानक बिल्डिंग गिरी तो दोनों मलबे में दब गये। जबकि बाहर खड़े निपेंद्र समेत पांच लोग चपेट में आ गए थे। बेटा मलबे में दबने पर गुलाब गश खा गया था। देर रात तक वह बेटे की जिंदगी के लिए परिवार के साथ बिलखती हालत में बैठा रहा। डीएम और एसएसपी के सामने भी गुलाब फफक पड़ा। हालांकि अन्य चश्मदीद प्रवीन और राजेश ने बताया कि लिंटर हिलने पर आशीष और रमेश बल्ली लगाने अंदर घुसे थे तो पूरी इमारत गिर गई थी।
जलभराव के कारण धंसी बिल्डिंग
एफएसओ मुकेश कुमार और तहसीलदार रमेशचंद ने बताया कि निर्माण में मानक का भी ध्यान नहीं रखा गया। बिल्डिंग के दोनों तरफ खेत में बारिश का पानी जमा हुआ है। नींव में पानी भरने के कारण पिलर खिसकना कारण रहा। वहीं, दो लोगों की जिंदगी बचाने के लिए पुलिस और एनडीआरएफ ने पूरी ताकत झोंक दी। आधी रात तक तीन पार्ट में तलाशी ली जा चुकी थी। लेकिन दबे लोगों का सुराग नहीं लगा।
एनडीआरएफ ने संभाली कमान
शाम पांच बजे लिंटर गिरने के बाद मलबा हटाने का काम पूरी तरह अनट्रेंड हाथों में था। रात 9:18 बजे गाजियाबाद से एनडीआरएफ की 35 सदस्यीय टीम ने पहुंचते ही कमान हाथों में ले ली। टीम के साथ मौजूद खोजी कुत्ते के संकेत देने पर वहां से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया। मलबे में पाइप कैमरा डालकर भी दबे लोगों का पता लगाया जा रहा था। वहीं, इस दौरान डेरा सच्चा सौदा के 50 से ज्यादा अनुयायियों ने भी मलबा हटवाने में पूरी मदद की। इस हादसे के बाद लोगों में एमडीए के खिलाफ भी काफी गुस्सा था।
कोट
अवैध तरीके से बिल्डिंग बनाई जा रही थी। एमडीए के किसी भी कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध मिली तो जांच कराकर कार्रवाई होगी। एमडीए वीसी से बात की जाएगी। किसी भी स्तर पर अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। - जेआर त्रिपाठी, डीएम