- परंपरा बनाम बदलाव : मेले के नाम पर सभासदों में तीखी बहस
- नाम परिवर्तन के प्रस्ताव पर बंटा सदन, मेले की तैयारियां अटकीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका की मंगलवार को आयोजित बोर्ड बैठक ऐतिहासिक मेले के नामकरण को लेकर हुए विवाद के चलते हंगामे की भेंट चढ़ गई। बूढ़ा बाबू और बूढ़ा बाबा नाम को लेकर सभासदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस कारण बैठक को बीच में ही स्थगित करना पड़ा। अब दो दिन बाद पुनः बैठक आयोजित कर इस मुद्दे पर सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।
नगर में हर वर्ष आयोजित होने वाला यह पारंपरिक मेला लंबे समय से बूढ़ा बाबू के नाम से जाना जाता रहा है। हाल के दिनों में इसके नाम को बदलकर बूढ़ा बाबा किए जाने की मांग उठने लगी है, जिससे विवाद की स्थिति बन गई है। मंगलवार को मेले के आयोजन की तैयारियों को लेकर बुलाई गई बोर्ड बैठक में सभासद नेहा टाली ने मेले का नाम बूढ़ा बाबा किए जाने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को सभासद आशीष त्यागी और कुछ नामित सभासदों का समर्थन मिला।
वहीं सभासद फरमान अंसारी, तारिक हसन, खालिद अंसारी और शहजाद सितारा सहित अन्य सदस्यों ने मेले को पुराने नाम बूढ़ा बाबू के अनुसार ही आयोजित कराने की बात कही। उनका तर्क था कि मेले की पहचान और परंपरा से छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। इसी मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और बैठक में काफी देर तक तीखी बहस होती रही। स्थिति को संभालने के प्रयास में अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला ने कहा कि पहले नाम पर सहमति बनना आवश्यक है, तभी आगे की कार्यवाही की जा सकती है। इसके बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ और बैठक में हंगामा बढ़ता गया।
हंगामे के चलते मेले की तिथि, कार्यक्रम और बजट जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। अंततः बैठक को स्थगित कर दिया गया। बैठक में चेयरपर्सन सबीला बेगम सहित कई सभासद मौजूद रहे। अब अगली बैठक में इस विवाद का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।