सांसद राजेंद्र अग्रवाल के सामने भाजपाई ही रोड़ा बन रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे के सामने भी जहां व्यक्तिगत मुलाकात में कई नेताओं ने उनकी नकारात्मक रिपोर्ट दी, तो राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक उनके व्यवहार और जनता के बीच असंतुष्टि जैसे मामले पहुंचाये जा चुके हैं। इससे राजेंद्र अग्रवाल के लिए टिकट की राह आसान नहीं दिख रही है।
सांसद राजेंद्र अग्रवाल का लोकसभा में उपस्थित का रिपोर्ट कार्ड जितना अच्छा रहा है, उतना ही खराब स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है। मेरठ के विधायकों और स्थानीय नेताओं से भी उनका समन्वय ठीक न होने की चर्चाएं होती रहती हैं। बृहस्पतिवार को प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे मेरठ आए थे। इस बैठक से सांसद राजेंद्र अग्रवाल को दूर रखा गया। बैठक के बाद महेंद्र नाथ पांडे ने बंद कमरे में नेताओं से बात की। इस बातचीत को पांडे ने अपनी डायरी में नोट किया। सूत्रों की मानें तो वर्तमान सांसद के पक्ष में इक्का-दुक्का नेता ही नजर आए। मुलाकात करने वालों में कई तो स्वयं दावेदार थे। लेकिन सबसे अहम बात ये रही कि पांच जिला पंचायत सदस्यों ने बिन बुलाए बैठक स्थल पर जाकर पांडे से मुलाकात की और सांसद को टिकट न देने की वकालत की। इसके पीछे इस सीट से टिकट मांग रहे एक प्रमुख दावेदार को कारण माना जा रहा है। इस बीच टिकट को लेकर भाजपा में गुटबाजी भी साफ दिखाई देने लगी है।
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लोकतंत्र है, सबको अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन नेतृत्व इतना क्षमतावान है कि वह सही-गलत समझता है। इसलिए इस मामले पर मुझे ज्यादा कुछ नहीं कहना है। - राजेंद्र अग्रवाल, सांसद