सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुख्यालय में सहारनपुर समेत कई जिलों के लिए प्रस्तावित महायोजना-2031 का प्रारूप देखा, जिसके बाद उन्होंने यातायात प्रबंधन को लेकर निर्देश दिए। लेकिन धरातल पर देखें तो जिले में महायोजना 2031 में ट्रैफिक मैनेजमेंट यानी यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण बिंदु होने के साथ ही मुश्किल बिंदु भी है। क्योंकि महानगर में बस और ऑटो के संचालन के लिए कोई स्थाई स्टैंड नहीं हैं। ऐसे में पूरे महानगर में ऑटो का संचालन चौराहों और तिराहों पर सड़कों से किया जा रहा है, जिसकी वजह से अव्यवस्था रहती है। टैक्सी और ऑटो स्टैंड के लिए कड़े निर्णय लेने होंगे।
मुख्यमंत्री ने सहारनपुर के लिए विशेष रूप से कहा है कि सहारनपुर की महायोजना में औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियों के विकास के लिए सुनियोजित प्रावधान रखे जाएं। चूंकि औद्योगिक, व्यावसायिक और अवासीय परियोजनाएं महानगर के बाहरी क्षेत्रों में स्थापित और संचालित हो सकती हैं। लेकिन यातायात प्रबंधन और टैक्सी व ऑटो स्टैंड को लेकर अधिकारी चिंतित हैं। क्योंकि पूरा महानगर अतिक्रमण की चपेट में है, जिसकी वजह से ऑटो सड़कों पर खड़े होकर यातायात को प्रभावित करते हैं। रेलवे स्टेशन के बाहर, घंटाघर, जिला अस्पताल चौक, बेहट बस अड्डा, अंबाला रोड, चिलकाना अड्डा ऐसे ही प्वाइंट हैं, जहां ऑटो का सड़कों से संचालन होता है। जबकि मुख्यमंत्री ने यातायात प्रबंधन को महत्वपूर्ण विषय बताते हुए इसके लिए ठोस प्रयास करने की जरूरत बताई है।
- महायोजना के महत्वपूर्ण बिंदु
- वुडकार्विंग कलस्टर
- ट्रैफिक मैनेजमेंट
- चौराहों का विकास
- ग्रीन बेल्ट का विकास
- टाउनशिप का विकास
- महायोजना को लेकर लखनऊ में बैठक हुई है, जिसमें कई दिशा निर्देश मिले हैं। महायोजना को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। इसमें शामिल विभागों के अधिकारियों से लगातार बात चल रही है। बस स्टैंड के लिए प्रस्ताव गया हुआ है। ऑटो स्टैंड के लिए नगर निगम अधिकारियों से चर्चा के बाद जगह चिह्नित की गई हैं। - आशीष कुमार, उपाध्यक्ष, सहारनपुर विकास प्राधिकरण।