प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों का होगा बॉयोमेट्रिक
मेरठ। प्रधानमंत्री आवास योजना में सिर्फ पात्रों को घर मिले और फर्जीवाड़े खत्म करने के लिए शासन ने तैयारी की है। लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में तय किया गया कि एमडीए की ओर से दिए जाने वाले आवासों के लिए आवंटी को बॉयोमेट्रिक के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सरायकाजी में बन रहे आवासों की लॉटरी में इस नए प्रयोग को शुरू किया जाएगा।
मेरठ में लोहियानगर, शताब्दीनगर और सरायकाजी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक हजार से अधिक घर बनाए जा रहे है। लोहियानगर और शताब्दीनगर में लॉटरी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। यहां अभी आवंटन किया जाना है। इसके बाद अब सरायकाजी में बन रहे 552 आवासों की लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा। इसमें पात्र लाभार्थियों का बॉयोमेट्रिक किया जाएगा।
रजिस्ट्री में भी होता है बॉयोमेट्रिक
इस व्यवस्था के शुरू होने से उन लोगों को तगड़ा झटका लगेगा, जो पहले से अपने आवास में रहते हैं। अब रजिस्ट्री करने के समय बॉयोमेट्रिक प्रक्रिया से गुजरना होता है। अब पीएम आवास योजना में भी लॉटरी के समय बॉयोमेट्रिक होने से फर्जी लोगोें को पकड़ा जा सकेगा।
एमडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडे का कहना है कि ये व्यवस्था सरायकाजी के लॉटरी सिस्टम से ही लागू कर दी जाएगी। सरकार की मंशा पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने की है। इसलिए इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।