आप मुजफ्फरनगर सीमा से निकलते ही रास्ता भटक गए हैं तो अपने मोबाइल पर एप खोलकर सही मार्ग तलाश सकते हैं। इतना ही नहीं अगर किसी शिवभक्त को भोजन की इच्छा है, या फिर थकान के कारण बुखार अथवा अन्य कोई बीमारी हो गई तो उनको मोबाइल एप से स्वास्थ्य शिविर और भंडारे की जानकारी ली जा सकती है। अगर मार्ग पर कांवड़ियों को असामाजिक तत्वों से दिक्कत है या फिर किसी अपराधिक घटना की संभावना है तो वह क्षेत्रीय उप जिलाधिकारी, सीओ, इंस्पेक्टर के मोबाइल नंबर पर फोन करके सूचना दे सकेंगे।
कांवड़ मार्गों पर जगह जगह लगाए जाएंगे क्यूआर कोड
एप डाउन लोड़ न करने वाले कावंड़ियों के लिए कांवड़ मार्ग पर जगह जगह क्यूआर कोड़ लगाए जाएंगे। क्यूआर कोड़ को स्केन करके कांवड़ मार्ग पर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी हासिल कर की जा सकेगी।
शिवालयों तक पहुंचाने वाले मार्गों को भी दिखाएगा मोबाइल एप
मोबाइल एप के माध्यम से कांवडियों को कांवड़ मार्ग ही नहीं बल्कि उन मार्गों की भी जानकारी मिलेगी, जो उनको शिवालयों तक पहुंचाएंगे। अगर कोई कांवडियां मेरठ छावनी क्षेत्र के बाबा औघड़नाथ मंदिर आना चाहता है या फिर बागपत के पुरामहादेव जाना चाहता है तो उसको एप के माध्यम से उचित मार्ग मिलेगा। इस एप के माध्यम से दूसरे प्रदेशों से आने वाले शिवभक्त कांवडियां मेरठ जिले के शिवालयों को जान सकेंगे।
कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों की संख्या लाखों में पहुंच जाती है। कई बार शिवभक्त को भोजन, चिकित्सा, पेयजल, शौचालय आदि की सुविधा की जानकारी मिलने और सामाजिक तत्वों की सूचना अधिकारियों तक पहुंचाने में दिक्कत आती है। अब अधिकतर शिवभक्तों के पास मोबाइल भी होता है। कांवडियों की यात्रा शुगम रहे। इसके लिए मेरठ प्रशासन ने मोबाइल एप की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इस एप से सभी शिवभक्तो को लाभ मिलेगा। - शशांक चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी।