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कोर्ट से जेल भेजने थे मुल्जिम, पुलिस ले गई थाने, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

Sun, 17 Nov 2019 02:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में व्यापारियों को धमकी देने और रंगदारी के मामले में लिसाड़ीगेट पुलिस ने गिरफ्तार तीन युवकों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से तीनों मुल्जिमों का रिमांड बना। उसके बाद कोर्ट ने तीनों को जेल भेजने का आदेश दिया। लेकिन पुलिस तीनों को थाने लेकर पहुंची। उसके बाद शाम के समय जिला कारागार में दाखिल किया गया। पूरे मामले में थाना पुलिस ने सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला को भी गुमराह कर दिया।
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व्यापारियों से रंगदारी मांगने के मामले में जून माह से मिल रही फोन के जरिये धमकी के संबंध में व्यापारियों द्वारा थाना लिसाडी गेट पर दर्ज कराये गये मुकदमों के संबंध में पुलिस ने मोबाइल नंबरों की सर्विलांस के आधार पर निगरानी करते हुए आरोपियों की पहचान की।
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शुक्रवार रात को जाकिर कालोनी पुलिस चौकी के पीछे कमेला रोड से तीन युवकों को दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए युवक इमरान पुत्र मकसूद निवासी कोतवाली, हाल पता हर्रा सरूरपुर, शाहवेज पुत्र शाहिद निवासी सराय बहलीम और शुऐब पुत्र नवाबुद्दीन उर्फ कल्लू निवासी बनी सराय कोतवाली हैं। आरोपियों से तीन तमंचे, दो सिम, एक बुलेट बाइक बरामद की है। तीनों पर दस मुकदमे दर्ज हैं।

पकड़े गए युवकों ने बताया कि जो मोबाइल मार्केट में प्रचलन से बाहर हैं उसमें नया सिम डालकर केवल एक बार धमकी देकर उसका इस्तेमाल नहीं करते थे। उसके बाद नया सिम खरीदकर पुन: वही तरीका इस्तेमाल कर रंगदारी के लिये परिवार के लोगों को मारने की धमकी देकर रंगदारी की मांग करते थे। रंगदारी न देने पर फायरिंग करते थे।

तीनों युवकों का पुलिस ने शनिवार दोपहर को मेडिकल कराया उसके बाद कोर्ट लेकर पहुंची। बाद में सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला और इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट प्रशांत कपिल ने प्रेसवार्ता की। सीओ दिनेश शुक्ला का कहना है कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपियों को थाने लाया गया है तो जांच कराई जाएगी।
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