सीओ बोलीं- ट्रैवल्स व प्रॉपर्टी कार्यालय पर फायरिंग के आरोपी ने पुलिस पर चलाई गोली
वकील ने लगाया जमानती अपराध में गिरफ्तारी व फर्जी मुठभेड़ का आरोप
माई सिटी रिपोर्टर/संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। टूर एंड ट्रैवल्स व प्रॉपर्टी कार्यालय पर फायरिंग करने का आरोपी अंकित भारद्वाज उर्फ गुड्डू पंडित की गिरफ्तारी के दौरान ब्रह्मपुरी थाना पुलिस आरोपी के हस्ताक्षर कराना भूल गई। आरोपी के वकील ने कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर जमानती अपराध में गिरफ्तारी और फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया। न्यायालय ने आरोपी का न्यायिक रिमांड देने से इन्कार कर उसे 50 हजार रुपये के मुचलके पर छोड़ दिया।
सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि 16 मई की रात अज्ञात हमलावरों ने माधवपुरम सेक्टर-01 स्थित मनोज कुमार गोयल के ओम प्रॉपर्टी और कुछ दूरी पर स्थित रविंद्र शर्मा के महादेव प्रॉपर्टी टूर एंड ट्रैवल्स के कार्यालयों पर फायरिंग की थी। वारदात के दौरान दोनों कार्यालय बंद थे। गोली शटर और कांच का शीशा तोड़कर कार्यालय के अंदर चली गई। 17 मई की सुबह जब कार्यालय खोले तो वहां बुलेट पड़ी मिली थी। मनोज कुमार गोयल की तहरीर पर ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वारदात में प्रयुक्त सफेद रंग की टाटा हैरियर कार की पहचान की गई। इसके बाद आरोपी अंकित भारद्वाज, नितिन राणा व चीकू का नाम सामने आया।
ब्रह्मपुरी पुलिस ने मंगलवार को गांव दुल्हैड़ा चौहान थाना पल्लवपुरम निवासी आरोपी अंकित भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया। उसे बुधवार सुबह वारदात में प्रयोग की गई कार बरामदगी के लिए ब्रह्मपुरी थाना पुलिस नूरनगर कट के पास ले गई। यहां अंकित ने कार के डैशबोर्ड से तमंचा निकालकर पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। उसमें वह पैर मेंं गोली लगने से घायल हो गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि कार्यालय के पड़ोस में रहने वाली सास से विवाद के बाद डराने के लिए गोली चलाई थी। आरोपी के खिलाफ मुजफ्फरनगर के कारोबारी की हत्या, गैंगस्टर समेत दस संगीन अपराध के मामले दर्ज हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
आरोपी अंकित को मुठभेड़ में गिरफ्तार करने के बाद जब न्यायालय में पेश किया गया तो उसके वकील आकाश शर्मा ने कहा कि पुलिस ने आरोपी के किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं कराए हैं। उन्होंने पुलिस पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय मिहिर बनाम स्टेट ऑफ यूपी आदि के आदेश का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि एक दिन पहले अंकित को जमानतीय अपराध में गिरफ्तार किया गया था। यह घटना कॉलोनी के सीसीटीवी में है लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी को तोड़ दिया। इसके बावजूद लोगों के मोबाइल भी इसका वीडियो है। इसके बाद अंकित के पैर में गोली मारकर फर्जी मुठभेड़ की गई है। उनका कहना है कि इस मामले की शिकायत डीजीपी से कर उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।
इस मामले में ब्रह्मपुरी थाना पुलिस से आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान जो कमी रही हैं। उन्हें पूरा कराया जाएगा। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद कार बरामदगी के दौरान उसने पुलिस पर गोली चलाई है। न्यायालय में भी इस मामले में अपील की जाएगी।
विनायक गोपाल भोसले, एसपी सिटी