जांच करने पहुंचे एसपी सिटी
- फोटो : अमर उजाला
पकड़े गये आशु ने बताया कि दिल्ली से चाइनीज मांझे को मेरठ में लाकर बेचा जा रहा है। मेरठ में खैरनगर और गोलाकुआं पर इसे रात में लाया जाता है। साधारण मांझे को बोरे में बाहरी तरफ भरा जाता है जबकि अंदर चाइनीज मांझे को रखा जाता है।
एएसपी बोले मैं खुद कर लूंगा जांच
छापेमारी के दौरान जैसे ही पुलिस ने चाइनीज मांझा पकड़ा तो दुकानदार बोला कि यह चाइनीज मांझा नहीं है। इस पर एएसपी सतपाल सिंह ने कहा कि मैं खुद जांच कर लूंगा कि यह चाइनीज मांझा है या नहीं। एएसपी ने चाइनीज मांझे को चरखी से उतारा और दुकानदार से कहा कि इसे देखना टूटता है या नहीं, इस पर दुकानदार आशु ने कहा कि साहब माफ कर दो, यह चाइनीज मांझा है। अब से आगे नहीं बेचा जाएगा।
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पकड़े गये आरोपियों ने बताया कि एक चरखी में चार सौ मीटर चाइनीज मांझा होता है। एक चरखी को 170 से 190 रुपये में बेचा जाता है। पुलिस ने बताया कि मांझा खींचने या तोड़ने पर आसानी से नहीं टूटता, इसे लोहे के बरुदा से बनाया जाता है। बिजली की लाइन पर गिरने से इसमें करंट उतरने की भी संभावना रहती है।
लगातार हो रहे हैं हादसे
चाइनीज मांझे की पिछले दस दिन में कई लोग चपेट में आ चुके हैं। हापुड़ रोड, इंदिरा चौक, मछेरान, लिसाड़ीगेट, कोतवाली, देहलीगेट और अन्य स्थानों पर पक्षी भी चाइनीज मांझे की चपेट में आ रहे हैं चार दिन पहले नई सड़क पर स्कूटर से जा रहे व्यापारी मांझे की चपेट में आकर गिर गये थे।
एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने बताया कि शहर में कई जगह चाइनीज मांझा बेचे जाने की सूचना मिली थी। जबकि ये चाइनीज मांझा प्रतिबंधित है। आगे भी अभियान चलाया जाएगा।
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