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वो आखिरी सेल्फी... पत्नी की चिंता... शहादत

Thu, 20 Jun 2019 04:55 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार


- रविवार रात मेजर केतन शर्मा ने परिजनों से की थी फोन पर बात
- सोमवार सुबह पत्नी को मेसेज किया था कि अचानक फायरिंग हो गई, मैं बाल-बाल बच गया
- पत्नी के चिंता करने पर भेजी थी सेल्फी, कहा था कि चिंता मत करो, मैं ठीक हूं
- दोपहर को ऑपरेशन के दौरान केतन हो गए थे शहीद
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मेजर केतन शर्मा की मां को सांत्वना देतीं सैन्य अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 मेजर केतन शर्मा सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) में जम्मू में तैनात थे। आरआर के स्पेशल ऑपरेशन चलते रहते हैं। ऐसे में जब वे ऑपरेशन पर जाते तो परिवार के लोगों से बात करते। बात नहीं कर पाते तो मेसेज करके हालचाल पूछ लेते। बीते सोमवार को भी जाने से पहले उनकी परिजनों से बात हुई। सुबह को उनका मेसेज आया तो वह परिवार के लिए बेहद डराने वाला था। उन्होंने लिखा था कि अचानक फायरिंग हो गई। मैं बाल-बाल बच गया। गोली पास से निकलती चली गई। मेसेज पढ़कर पत्नी इरा बेचैन हुईं तो मेजर केतन ने सेल्फी भेजते हुए लिखा था कि चिंता मत करो, मैं ठीक हूं। दुर्भाग्य यह रहा कि दोपहर को केतन देश के लिए शहीद हो गए।
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जम्मू-कश्मीर में आरआर की विभिन्न यूनिट में जो भी अफसर-जवान तैनात होते हैं, वे स्पेशल ऑपरेशन में रहते हैं। वे सोशल साइट्स से दूर रहते हैं। सुरक्षा कारणों के चलते ऐसा होता है। ऑपरेशन से पहले और उसके बाद वे घर पर बात कर सकते हैं। मेजर केतन शर्मा ने भी बीती रविवार रात को परिवार के लोगों से बात की थी। सोमवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे उन्होंने पत्नी इरा को मेसेज भेजा कि आज तो बच ही गया। इसके बाद उन्होंने ठीक हूं कहकर सेल्फी भेजी। लेकिन इरा को क्या पता था कि चंद घंटे बाद दोपहर को वे ऑपरेशन के दौरान शहीद हो जाएंगे। इस आखिरी फोटो को देखकर परिजन सुधबुध खो बैठते हैं। इरा तो कमरे में गुमसुम हैं। वे किसी से भी ज्यादा बात नहीं कर पा रही हैं। जब भी बोलती हैं तो केतन का नाम लेकर बिलखने लगती हैं। परिवार के लोग बस यही बोलते हैं कि सुबह का फोटो देखकर ये सोचा भी नहीं था कि दोपहर को उसकी कही बात सच हो जाएगी। इस फोटो को मोबाइल में देखकर परिजन और रिश्तेदार बिलखने लगते हैं।
समझदार होगी तो बताएंगे कि तेरे पापा ने कितना बड़ा काम किया
घर के बाहर खेल रही मेजर केतन की चार साल की बेटी कैरा को देखकर केतन की बुआ की आंखें भर आईं। रूंधे गले से बताया कि सबसे पूछती फिर रही है कि पापा के फोटो क्यों लगा रहे हो। वे कब आएंगे। हमने बताया कि उनको चोट लगी है। आ जाएंगे। इस पर कहती है कि उनको तो माथे पर पट्टी बंधी थी। इतना कहकर बुआ फफकने लगती हैं। बताती हैं कि जब ये समझदार होगी तो इसके पापा के फोटो दिखाकर बताएंगे कि तेरे पापा ने कितना बड़ा काम किया था। वे देश के लिए शहीद हो गए।
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