मेरठ। दोपहर 1:40 बजे का समय। एसएसपी अजय साहनी वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद अपने ऑफिस पहुंचे। एसपी सिटी और एसपी क्राइम से थानों में आने वाली शिकायतों के निस्तारण के बारे में पूछा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर एसएसपी ने निर्देश दिए कि थानों में सुनवाई न करने वाले थानेदारों को सुबह नौ बजे पुलिस ऑफिस बुलाया जाए। शाम पांच बजे तक ये थानेदार यहीं शिकायत सुनेंगे।
एसएसपी ने कहा कि थाना प्रभारी या तो थानों में जन शिकायतों का निस्तारण करेंगे, नहीं तो उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया जाएगा। अगर थानों में शिकायतें नहीं सुनेंगे तो इनकी पुलिस ऑफिस में आठ घंटे की ड्यूटी शिकायत सुनने की लगेगी। एसएसपी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि थानों में सुनवाई की जाए। अब एसएसपी और एएसपी शिकायतें सुनेंगे लेकिन थानेदार सिर्फ जांच का आश्वासन देंगे, यह बिल्कुल नहीं चलेगा। एसएसपी ने एसपी क्राइम को कड़े निर्देश दिए हैं कि जिन थानों में सुनवाई नहीं हो रही है, वह मंगलवार सुबह नौ बजे पुलिस ऑफिस में आने चाहिए। एसएसपी ऑफिस पर सबसे अधिक शिकायतें आती हैं, उनमें लिसाड़ी गेट इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल, कोतवाली इंस्पेक्टर देवेश र्श्मा, नौचंदी इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर, देहलीगेट एसओ रविंद्र पलावत, भावनपुर एसओ संजय सिंह और इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा बिजेंद्र राणा हैं।
सीओ देंगे प्रत्येक दिन रिपोर्ट
एसएसपी ने एसपी सिटी और एसपी देहात को निर्देश दिए हैं कि थानों में थाना प्रभारी या चौकी इंचार्ज ने प्रत्येक दिन आने वाली शिकायतों का निस्तारण किया या नहीं, इसकी प्रत्येक थाने की रिपोर्ट शाम को सीओ को देनी होगी।