युवा नशे की गिरफ्त में आता जा रहा है। सिगरेट, गुटखा, बीयर और शराब नहीं बल्कि खतरनाक ड्रग्स की तरफ ये युवा पीढ़ी जा रही है। गंभीर बात ये है कि इस नशे की गिरफ्त में किशोर, छात्र और युवा आ रहे हैं। ये ड्रग्स माफिया पुलिस से सेटिंग कर धड़ल्ले से अवैध नशे का कारोबार कर रहे हैं। अमर उजाला ने इस नशे को लेकर स्टिंग किया तो गंगानगर थाना से मात्र 50 मीटर की दूरी पर ही एक भांग के ठेके पर चरस बिकती नजर आई। यही नहीं वहां मौजूद कर्मचारी ने अफीम की बिक्री करने वाले का नाम भी बताया।
अमर उजाला रिपोर्टर ने एक छात्र जैसे दिखने वाले युवक के साथ इस स्टिंग को अंजाम दिया। जिसमें दुकान पर पहुंचने के बाद पुड़िया मांगी गई। वहां मौजूद कर्मचारी ने 100 रुपये में पुड़िया दी, लेकिन जब उससे कहा कि इसकी मात्रा कम है तो उसने ज्यादा मात्रा वाली पुड़िया 200 रुपये में देने की बात कही। इस पुड़िया में चरस थी। रेट कम लेने की बात करने पर उक्त कर्मचारी ने हाथ जोड़ते हुए कहा कि चरस उसे चार हजार की 100 ग्राम मिलती है। इसलिए वह रेट कम नहीं कर सकता।
इसके बाद जब उक्त कर्मचारी से पूछा कि अफीम है तो उसने मवाना रोड की तरफ हाथ का इशारा करते हुए कहा कि उसके पास नहीं वहां मिलती है, उसने अफीम बेचने वाले का नाम भी बताया। इसके बाद इस कर्मचारी को कुछ शक हुआ तो अमर उजाला रिपोर्टर द्वारा भेजे गये युवक से पूछा कि वह कहां से आया है? जिस पर युवक ने कहा कि यहीं से आया हूं। इस पर फिर नशा बेचने वाले ने पूछा कि कहां रहता है तो युवक ने कहा कि हॉस्टल में रहता हूं। कर्मचारी ने पूछा कि क्या करता है, तो युवक ने कहा कि वह मवाना रोड स्थित एक कॉलेज में पढ़ता है। इस पर कर्मचारी संतुष्ट हो गया।
40 लाख रुपये में लिया है भांग का ठेका
गंगानगर का यह भांग का ठेका पिछले साल करीब 7 लाख रुपये में लिया गया था। लेकिन पिछले एक साल में भांग की आड़ में चरस और अन्य नशा बेचकर हुई कमाई को देखते हुए इस बार यह भांग का ठेका आश्चर्यजनक रूप से 40 लाख रुपये में नीलाम हुआ। इससे साफ है कि इस भांग के ठेके आड़ में कितना बड़ा नशे का खेल हो रहा है। हैरत की बात ये है कि यह भांग का ठेका गंगानगर थाना से मात्र 50 मीटर की दूरी पर है। थाना ही नहीं यहां पर सीओ सदर देहात का दफ्तर भी है।
रेस्टोरेंट भी चलाता है नशा माफिया
भांग की इस दुकान पर नशा बिकवाने वाले का गंगानगर डिवाडर रोड पर एक रेस्टोरेंट भी है। सूत्रों के अनुसार इस रेस्टोरेंट पर भी छात्रों को धड़ल्ले से नशे की पुड़िया बेची जाती है।
पहले भी अमर उजाला कर चुका है खुलासा
अमर उजाला मवाना रोड और गंगानगर क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों के छात्रों को बेची जा रही नशे की पुड़िया और नशा करते छात्रों का स्टिंग पहले भी कर चुका है। हापुड़ रोड पर भी भांग के ठेके की आड़ में चरस बिकने का एक स्टिंग किया गया था। लेकिन पुलिस प्रशासन ने कभी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। इस बार भी जब भांग के ठेके पिछले साल की तुलना में करीब डेढ़ गुना ज्यादा कीमत पर बिके तो अमर उजाला ने इस पर सवाल उठाया था।