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'इस्लाम में दशहतगर्दी और आतंकवाद की कोई जगह नहीं'

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मदरसे में तकरीर करते मौलाना। - फोटो : SARDANA
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सरधना। नगर के मोहल्ला आजाद नगर स्थित मदरसा इस्लामिया में आयोजित दो दिवसीय जलसे का रविवार को समापन हो गया। मुफ़्ती अब्दुल शमी की निजामत में चले कार्यक्रम का आगाज छात्रों ने कुरान पाक की तिलावत की और नात ए पाक पेश किया।
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जलसे को ख़िताब करते हुए देवबंद से आए मौलाना यामीन ने कहा की इल्म दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है। खुदा ने सबसे पहला अल्फाज इकरा उतारा है। जिसका मतलब है पढ़ कुरान में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है की एक ही भाषा को पढ़ा जाए बल्कि दुनिया की सारी भाषाओं को पढ़ने के लिए बताया गया है। कहा कि जब तक हम सभी भाषाओं को नहीं सीखेंगे तब तक हम कुरान के तर्जुमे (मतलब) को अलग अलग भाषाओं को जानने वाले लोगों को उनकी भाषा में नहीं समझा सकते। इस्लाम में दहशत गर्दी आतंकवाद की कोई जगह नहीं है। यह तो अमन का पैगाम देता है भाईचारे की बात करता है। लेकिन कुछ लोग राजनीति के तहत इस्लाम को बदनाम करने की कोशिश में लगे हुए है। उनके मंसूबों को नाकाम करने के लिए इल्म का होना जरूरी है। तालीम से जहां खुद को मजबूती मिलेगी वहीं, मुल्क भी मजबूत होगा। कहा की कुरान एक मुकम्मल किताब है मुसलमान सबसे पहले अपने बच्चों को कुरान की तालीम दिलाए। इस अवसर पर मेरठ से आए मौलाना मुफ़्ती खालिद, कारी अब्दुल रहमान थाना भवन से आए कारी अल्ताफ़ आदि ने भी खिताब किया। कुरान की तालीम हासिल करने वाले छात्रों को दस्तार बंदी भी की गई। इस दौरान संयोजक इमरान ठाकुर ने सभी का आभार जताया। इस दौरान हाफ़िज हामिद, हाफ़िज कामिल, हाफ़िज कफील, तस्लीम अंसारी, जीशान कुरैशी, यामीन अंसारी, मेहरदीन शाहवेज अंसारी, शाहरुख कुरैशी, आगा मोहम्मद अली शाह, मास्टर दीपक शर्मा, थाना प्रभारी उपेंद्र मालिक आदि मौजूद रहे।
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