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कोरोना का खौफ, यात्री सफर से कर रहे तौबा

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रोडवेज के होली अभियान में भी 1.54 लाख कम यात्रियों ने किया सफर
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लोकल रूटों की बसों में घट रही सबसे ज्यादा संख्या
बस अड्डों पर बसें ज्यादा और यात्री कम
राजदीप जाखड़
मेरठ। कोरोना वायरस के संक्रमण के खौफ के चलते यात्रियों ने सफर से तौबा करनी शुरू कर दी है। रोडवेज के होली अभियान में भी पिछले साल के मुकाबले 1.54 लाख कम यात्रियों ने सफर किया। लोकल रूटों की बसों में आधे से कम यात्री रह गए हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान भैसाली डिपो को उठाना पड़ रहा है। हालांकि बस अड्डे से लेकर बसों तक में स्प्रे कराया जा रहा है।
परिवहन निगम ने छह मार्च से लेकर 15 तक होली अभियान चलाया था। इस अभियान से पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा कमाई की उम्मीद थी। कोरोना वायरस के संक्रमण ने रोडवेज के अभियान की कमर तोड़ दी है। रोडवेज रीजन कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार होली पर पिछले साल के मुकाबले 1.54 लाख यात्री कम निकले। वहीं, 11 मार्च से लेकर 18 तक के आंकड़ों में लगातार गिरावट जारी है। वहीं, पिछले साल के मुकाबले इन आठ दिनों में 0.12 फीसदी गिरावट के साथ 13.61 लाख यात्रियों की अपेक्षा 13.49 लाख ने सफर किया है। भैसाली और बड़ौत डिपो में यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
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बसों की संख्या ज्यादा, यात्री कम
भैसाली बस अड्डे पर अक्सर बसों की कम संख्या और यात्रियों की ज्यादा भीड़ रहती है। हालांकि शुक्रवार को नजारा पूरी तरह बदला हुआ था। बस अड्डे से संचालित भैसाली और मेरठ डिपो की बसें तो बड़ी संख्या में खड़ी थीं परंतु यात्री नदारद थे। चालक और परिचालक यात्रियों का इंतजार कर रहे थे ताकि अपने किलोमीटर पूरे करके ड्यूटी पूरी कर सकें।
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ये है यात्रियों का हाल
बस डिपो चालू वर्ष गत वर्ष अंतर (फीसदी)
मेरठ 2.40 1.81 0.59
सोहराबगेट 3.10 2.93 0.17
गढ़ 1.21 1.27 -0.06
बड़ौत 2.17 2.35 -0.18
भैसाली 4.61 5.25 -0.64
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योग 13.49 लाख 13.61 लाख -0.12
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क्या बोले अधिकारी
कोरोना के चलते यात्रियों की संख्या लगातार घट रही है। इससे परिवहन निगम को घाटा उठाना पड़ रहा है। बस अड्डों से लेकर बसों तक में स्प्रे कराकर सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।-नीरज सक्सेना, आरएम मेरठ रोडवेज रीजन
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