खरखौदा। गांव जाहिदपुर में एक वर्ग के व्यक्ति ने श्मशान की भूमि पर कब्जा कर अवैध रूप से निर्माण शुरू कर दिया। ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को इसकी जानकारी दी। इस पर पुलिस ने निर्माण रुकवा दिया। पहले भी इन लोगों ने कब्जे का प्रयास किया था।
गांव जाहिदपुर में मिश्रित आबादी है। यहां हिंदू व मुस्लिम की बराबर हिस्सेदारी है। गांव में कई मामलों को लेकर पहले भी सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार अभिलेखों में श्मशान की करीब 8.5 बीघा जमीन थी। अवैध कब्जों के चलते इस समय करीब छह बीघा जमीन रह गई है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2011 में भी वर्ग विशेष के लोगों द्वारा उक्त जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया था। इस मामले में ग्रामीणों ने पहले भी नगर आयुक्त एवं जिलाधिकारी से शिकायत की थी। ग्रामीणों ने अनुसार पड़ोसी गांव निवासी एक ग्रामीण ने करीब दस वर्षों से गांव में डेयरी चला रखी है। 2018 में भी उक्त व्यक्ति ने श्मशान की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया था। ग्रामीणों के विरोध के चलते प्रशासन हरकत में आया था। उसने अवैध निर्माण रोक दिया था। उक्त व्यक्ति ने शनिवार को श्मशान के मुख्य रास्ते समेत काफी हिस्से पर फिर से अवैध निर्माण शुरू कर दिया। हिंदू समाज के लोगों को फिर से अवैध निर्माण की सूचना मिली तो सैैकड़ों लोग पहुंच गए। उन्होंने अवैध निर्माण ढहा दिया। हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभाला तथा लोगों को समझा-बुझाकर वापस भेज दिया। वहीं, पुलिस नेे इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
गांव में दोनों वर्गों में पहले भी हो चुका है तनाव
गांव जाहिदपुर के एक व्यापारी द्वारा होलिका दहन के लिए जमीन दी गई थी। उक्त भूमि के काफी हिस्से पर एक वर्ग के लोगों ने कब्जा कर रखा है। जिसको लेकर दोनों समाज के लोग कई बार आमने सामने आ चुके हैं। एक बार एसडीएम ने स्वयं मौके पर जाकर अतिक्रमण हटाया था। पहले भी वर्ग विशेष के लोगों ने शिव मंदिर से लाउडस्पीकर बजाने के विरोध किया था। इसमें बाद वर्ग विशेष के युवकों ने पुजारी की पिटाई कर दी थी। इस मामले को लेकर भी दोनों संप्रदाय आमने-सामने आ गए थे। थाना पुलिस का कहना है पुलिस टीम वहां भेजी है। राजस्व विभाग की जांच के बाद आरोपी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।