एक वर्ष से विकास कार्यों को टेंडर बिड मिलने का इंतजार
मेरठ। एक बार फिर एमडीए में विकास कार्यों के लिए अपलोड किए गए टेंडर में बिड न आने से झटका लगा है। लगातार पांचवीं बार टेंडर बिड न आने के कारण विकास कार्यों में लेट लतीफी हो रही है। कई योजनाओं में सड़कों का निर्माण न होने से वहां के लोग ठगा महसूस कर रहे हैं। हाल ऐसा हो गया है कि जिन कार्यों को किया जाना है, उन पर पिछले एक वर्ष से एमडीए टेंडर निकालकर आगे कार्रवाई नहीं कर पाता है। इस बार भी सिर्फ कुछ टेंडर पर एक-एक बिड आई है। जिसे अभी फाइनल नहीं किया जा सकता है। इससे साफ है कि ठेकेदार भी एमडीए के विकास कार्य कराने में रुचि कम ले रहे हैं।
इन टेंडरों को 24 मार्च को बिड के लिए खोला गया था। लेकिन सिर्फ एक बिड आने से अंतिम निर्णय नहीं हो सका। लोहियानगर में सड़कों का निर्माण, मेवला फ्लाईओवर से नूर नगर पुलिया तक सड़क, रेन वाटर हार्वेंस्टिंग ये ऐसे विकास कार्य हैं, जिन पर एक वर्ष से एमडीए सिर्फ टेंडर निकालकर फाइल को बंद कर देता है। ऐसे हालात में योजनाओं में रहने वाले लोग पिस रहे हैं। लोहियानगर में कई प्रमुख स्कूलों के पास की सड़कें बदहाल होने से दिक्कतें हो रही हैं। इसके बाद भी एमडीए इस मामले में गंभीरता से प्रयास नहीं कर रहा है।
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ये हैं प्रमुख कार्य
लोहियानगर में टेंपू स्टेंड से सत्यकाम स्कूल तक सड़क सुदृढीकरण का कार्य, शहर में विभिन्न स्थानों पर रेन वाटर हार्वेंस्टिंग का कार्य, लोहियानगर योजना में विभिन्न पॉकेट में पेच रिपेयर कर कार्य, शताब्दीनगर में दिव्यांगजन हेतु पार्क का निर्माण, गंगानगर विस्तार योजना में सड़क निर्माण का कार्य, वेदव्यासपुरी सेक्टर-सात पॉकेट एनएए में बाह्य विद्युतीकरण कार्य आदि ऐसे ही कई कार्य अटक गए हैं।
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कुछ ठेकेदारों का पंजीकरण हमने कराया है। हालांकि, अवस्थापना में जो कार्य स्वीकृत किए गए थे। उन पर चुनाव आयोग से सहमति लेकर टेंडर दोबारा करेंगे। वहीं, इन टेंडरों पर क्यों नहीं बिड आ रही विचार किया जाएगा - मृदुल चौधरी, उपाध्यक्ष, एमडीए