अलमारी को नीचे उतार रहे कारीगर, मालिक और उनका बेटा घायल कारखाने की वैद्यता की जांच करने पहुंचे सीओ कोतवाली और सिटी मजिस्ट्रेट संवाद न्यूज एजेंसी मेरठ। कैपिटल अस्पताल में अस्थायी मालवाहक लिफ्ट गिरने से गर्भवती महिला की मौत के मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इसी बीच लिसाड़ी गेट के शालीमार गार्डन में बुधवार को दूसरी मंजिल से सेफ अलमारी बनाने के कारखाने में लगी मालवाहक लिफ्ट गिर गई। हादसे में कारखाने का मालिक मोहम्मद शाकिर, उनका बेटा और एक कारीगर घायल हो गए। तीनों को उपचार के लिए ले जाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कोतवाली मौके पर पहुंचे और मामले की जांच जानकारी की।
शालीमार गार्डन गली नंबर तीन में मोहम्मद शाकिर का दो मंजिल के भवन में सेफ-अलमारी बनाने का कारखाना है। शाकिर ने कारखाने में ऊपरी मंजिल से सामान उतारने और चढ़ाने के लिए एक अस्थायी लिफ्ट लगाई हुई है। बुधवार सुबह शाकिर कारीगरों के साथ ऊपरी मंजिल से लिफ्ट के जरिए सामान उतार रहा था। तभी लिफ्ट का बेरिंग और बेल्ट टूट गई। जिससे धड़ाम से लिफ्ट नीचे गिर गई।
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हादसे में शाकिर और उनके बेटे असद और कारीगर जीशान घायल हो गए। उनके हाथ और पैर की हड्डी टूट गई। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि सभी की हालत ठीक बताई जा रही है। पुलिस की जांच के बाद कारखाने को बंद कर दिया।
इमरजेंसी सेवाओं का नहीं प्रबंध, कई लापरवाही मिलीं कारखाने के अन्दर कई खामियां सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कोतवाली को मिली हैं। यहां इमरजेंसी सेवाओं का प्रबंध नहीं था। लिफ्ट फंस जाए या फिर आग लग जाए तो उसे बुझाने के लिए कोई अग्निशमन यंत्र नहीं मिला। ऐसे में हादसा होने पर कोई व्यवस्था नहीं होने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की बात कही है।
अस्थायी लिफ्ट लगवाना गैर कानूनी
सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अस्थायी लिफ्ट लगाना गैर कानूनी है। जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
लिफ्ट गिरने की की सूचना मिलने पर मौके पर जांच पड़ताल की गई। कारखाना और लिफ्ट नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था या नहीं। इसकी जांच की जा रही है।
अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
मेरठ में नहीं थम रहे लिफ्ट हादसे पांच दिसंबर 2024 - को कैपिटल अस्पताल की लिफ्ट टूटने से गर्भवती महिला की मौत हो गई थी। इस मामले में अस्पताल मालिक और डाॅक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एसआईटी जांच कर रही है। 27 मार्च 2024 - कंकरखेड़ा क्षेत्र की श्रीधाम सोसाइटी में दो मंजिल से लिफ्ट नीचे गिर गई। हादसे में परिवार के चार सदस्य घायल हो गए। 30 मिनट तक परिवार लिफ्ट में फंसा रहा। सात मई 2024 - पूर्व पार्षद आसिफ मोहम्मद के कारखाने में लगी लिफ्ट ओवरवेट होने के कारण अचानक टूट गिरी। हादसे में ईद की दावत में आए हुए छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वर्ष 2018 मेरठ के ईव्ज चौराहा स्थित हरी लक्ष्मी लोक बिल्डिंग में चिकित्सक के क्लीनिक में आने-जाने के लिए लगी लिफ्ट की चेन टूटने से बड़ा हादसा हुआ। इसमें दो मरीज घायल हो गए।
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इन वजहों से आ सकती है लिफ्ट में खराबी
- इस्तेमाल में लापरवाही : लिफ्ट का इस्तेमाल समझदारी से न किया जाए, तो ये ठीक से नहीं चल पाती है। जैसे कि दरवाजे को जबरदस्ती खोलना या बंद करना, ऑपरेटिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। - मेंटेनेंस की कमी: लिफ्ट की नियमित देखभाल और सर्विसिं न होने से गड़बड़ी आ सकती है। इसलिए समय-समय पर मेंटेनेंस की जरूरत होती है। अगर कोई गड़बड़ी पकड़ में आ जाए तो उसे नजरअंदाज करना बड़े हादसे का कारण बन सकता है। - ओवरलोडिंग: निर्धारित क्षमता से ज्यादा वजन डालने पर लिफ्ट के सिस्टम पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे वह ठीक से काम नहीं कर पाती और खराब हो सकती है। क्षमता से अधिक वजन लिफ्ट पर नहीं डालना चाहिए।
- बिजली में समस्या: अनियमित पावर सप्लाई या वोल्टेज में उतार-चढ़ाव लिफ्ट की इलेक्ट्रिकल सिस्टम को प्रभावित कर सकता है, जिससे उसके संचालन में बाधा आ सकती है। - पुरानी और जर्जर लिफ्ट: बहुत पुरानी लिफ्ट, अक्सर खराब हो जाती हैं। समय के साथ इनके पुर्जे घिस जाते हैं और वे सही ढंग से काम नहीं कर पाते। इससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है। - सेंसर गड़बड़ी: ज्यादातर लिफ्टों में इस्तेमाल होने वाले सेंसर में बग्स या एरर आ सकता है, इससे लिफ्ट का संचालन बाधित हो सकता है।
इमरजेंसी ब्रेक सिस्टम फेल: लिफ्ट में लगे आपातकालीन ब्रेक सिस्टम में खराबी आने पर लिफ्ट अचानक रुक सकती है या गिर सकती है।