सरूरपुर (मेरठ)। क्षेत्र में बरनावा के पास मेरठ-बागपत की सीमा पर बना हिंडन नदी का पुल जर्जर होने के बाद यहां अस्थायी पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सेतु निगम की टीम सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर रही है। जल्द ही नदी पर अस्थायी पुल बनाकर बड़े वाहनों का आवागमन भी शुरू हो जाएगा। इससे लोगों बड़ी राहत मिलेगी। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से अस्थायी पुल बनकर तैयार होगा।
मेरठ-बागपत जिलों की सीमा को जोड़ने के लिए हिंडन नदी पर पुल बना हुआ है। लेकिन अब वह पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इस पर जिला प्रशासन बागपत ने बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है। प्रशासन ने दोनों साइड भारी वाहनों के प्रवेश वर्जित का चेतावनी बोर्ड लगा रखा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नए पुल का निर्माण होने तक अस्थायी पुल की मांग की थी। सोमवार को सेतु निगम की टीम ने अस्थायी पुल की सर्वे प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सेतु निगम के सहायक अभियंता राहुल मलिक ने बताया कि करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से अस्थायी पुल का निर्माण कराया जाएगा। फिलहाल सर्वे रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
भूनी चौराहा व बायवाला से बड़ौत पहुंच रहे वाहन
पिछले डेढ़ महीने से पुल पर बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद है। भारी वाहन खिवाई तिराहे से होकर भूनी चौराहा व बायवाला से होकर बड़ौत पहुंच रहे हैं। इससे लोगों का समय व दूरी के साथ-साथ जेब पर भी आर्थिक भार पड़ रहा है। महज 200 मीटर जर्जर पुल को पार करने के लिए लगभग 130 किलोमीटर का चक्कर काटकर दोनों जिलों की सीमा को पार किया जा रहा है। इससे रोडवेज बसों के किराये में भी दोगुनी बढ़ोतरी हो गई है। मेरठ से बड़ौत का किराया पूर्व में 60 रुपये था, लेकिन जर्जर पुल की वजह से रोडवेज बस का किराया 120 रुपये कर दिया गया है। इस कारण लोगों की जेब पर आर्थिक भार पड़ रहा है।