बस की तेज रफ्तार ने पलभर में दो परिवारों की खुशियां छीन ली। हंसते खेलते परिवार में मातम का माहौल है। घटना में घायल यात्रियों का कहना था कि हादसे का एक कारण बस की तेज गति भी है।
इस हादसे में बस के संविदा परिचालक सिद्धार्थ की मौत हो गई। पिता रेक सिंह रोडवेज में ही यातायात इंस्पेक्टर हैं। तीन भाई हैं। दो भाई रविंद्र और नीरज नोएड़ा में सर्विस करते हैं और वहीं रहते हैं। परिजनों के अनुसार करीब चार साल पहले सिद्धार्थ की शादी हुई थी। कोई बच्चा नहीं है। हादसेे के बाद उसकी पत्नी पूनम और मां सावित्री का बुरा हाल है। कुछ माह पूर्व ही उसके भाई की शादी हुई थी। वहीं सरधना के बहादुरपुर निवासी दिलशाद की भी शादी हो चुकी थी, लेकिन बच्चा नहीं है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ज्यादा अच्छी नहीं है। दिलशाद रोडवेज में संविदा पर परिचालक लगा था। तीन भाई हैं। जिला अस्पताल पहुंचे भाई शव से लिपटकर रो रहे थे। एसओ सरधना ने बताया कि घटना के संबंध में किसी की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।
कोर्ट में क्लेम करने पर होगा मुआवजे का निर्णय
दुर्घटना में घायल यात्रियों को विभागीय स्तर से मुआवजा आदि कोई मदद मिलेगी या नहीं। इस सवाल पर भैसाली डिपो के अधिकारियों का कहना था कि यदि कोई घायल कोर्ट में दावा करता है तो कोर्ट इसका निर्णय करेगा।
हर संभव सहयोग करेंगे
सरधना विधायक संगीत सोम ने कहा कि घटना दुखद है। उनकी पूरी हमदर्दी मृतक और घायलों के परिवार के साथ है। वे उनकी हर संभव मदद को तैयार हैं। उनके बेहतर इलाज के लिए डीएम से भी बात हुई है। आर्थिक मदद और मुआवजे के लिए पोस्टमार्टम जरूरी है। दिलशाद के परिजनों को समझाया गया, लेकिन वह तैयार नहीं थे। बावजूद पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का पूरा प्रयास होगा।