इसके अलावा निर्माण कार्य निकट ही जा रहे नाले से मात्र चार फुट दूरी से किया जा रहा है, जो करीब 12 फुट दूरी से होना चाहिए। बताया कि श्मशान घाट की 70 हजार पुरानी ईंटें थी, जो ठेकेदार ने नींव में भर दी हैं। इसकी भी जांच होनी चाहिए। बाद में तहसीलदार ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में श्मशान घाट की जमीन की पैमाइश कराकर मामले का निस्तारण होने तक निर्माण कार्य बंद रखने की हिदायत दी।
तहसीलदार ने बताया कि नापतोल करा दी गई है। सजरे के हिसाब जितनी जमीन श्मशान घाट की होगी, उसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। बताया कि ईओ व ठेकेदार की भूमिका की भी जांच कराकर डीएम को रिपोर्ट दी जाएगी। इस दौरान भारत भूषण खुल्लर, हरिराम सक्सेना, डॉक्टर ओपी गौतम, वीरेंद्र सिंह, पीयूष राणा, संदीप गोयल, मणिकांत गोयल, कल्लन सिंघल, मनीष गोयल, पंडित भानू शर्मा, सुशील वर्मा, नवीन गर्ग, मदन लाल मित्तल, देवेंद्र सिंघल, नरेंद्र पाल, रेवती रमन, मोहम्मद सुलेमान, कल्लू मेंबर आदि मौजूद रहे।
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