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कताई मिल के सर्वे के लिए पहुंची टीम, बिल्डिंग बेकार

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मेरठ। परतापुर कताई मिल में औद्योगिक क्षेत्र बसाने के लिए शुक्रवार को कानपुर, गाजियाबाद और मेरठ की टीम ने संयुक्त रूप से सर्वे किया। उसने कहा कि मिल की इमारत बेकार हो चुकी है। 70 साल से पुरानी इस इमारत की ईटें भी काम नहीं आएंगी।
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टीम ने मिल परिसर स्थित ओवरहेड टैंक, बिजलीघर, पुलिस चौकी, सड़क का निरीक्षण कर इन्हें उपयोगी करार दिया। ये औद्योगिक क्षेत्र बनाने में काम आ सकती हैं। हालांकि मिल की मुख्य इमारत बेकार है। इसे खत्म करना पड़ेगा। 90 एकड़ जमीन में यूपीएसआईडीसी नया औद्योगिक क्षेत्र बसाएगा। यूपीएसआईडीसी और सूत निगम के अधिकारी मूल्यांकन कर संयुक्त सर्वे रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके आधार पर जमीन की कीमत का आंकलन किया जाएगा।
यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी के निर्देश पर टीम मेरठ आई और सर्वे किया। टीम में असिस्टेंट सेक्रेटरी वीके मिश्रा, यूपीएसआईडीसी आरएम सतीश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक सिविल जीडी शर्मा, लेखाधिकारी दीपक श्रीवास्तव शामिल रहे।
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एक दूसरे को परख रहे विभाग
मिल का हस्तांतरण किस दाम पर होगा। इसके लिए दोनों विभाग फिलहाल एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं। कागजों में मिल के हस्तांतरण की कीमत कोई नहीं है परंतु यूपीसीडा और सूत निगम के अफसर एक-दूसरे को परख रहे हैं।
संपत्तियों समेत हस्तांतरित होगी मिल
सूत निगम द्वारा कताई मिल यूपीएसआईडीसी को संपत्तियों समेत हस्तांतरित की जाएगी। मिल का फर्नीचर, मशीनरी अंदर की संपत्तियाें समेत मिल यूपीसीडा खरीदेगा। जिनका मूल्यांकन बाद में होगा।
चहारदीवारी युक्त होगा पहला औद्योगिक क्षेत्र
सर्वे में कताई मिल की चहारदीवारी को सही माना है। उसकी थोड़ी बहुत मरम्मत करा दी जाएगी। इसके अनुुसार कताई मिल में बनने वाला औद्योगिक क्षेत्र शहर का पहला चहारदीवारी वाला औद्योगिक क्षेत्र होगा।
वर्जन
टीम ने सर्वे कर लिया है अब सूत निगम और यूपीएसआईडीसी के इंजीनियर मिलकर सर्वे रिपोर्ट बनाएंगे। इसके बाद मुख्यालय भेजेंगे। इसके बाद मूल्यांकन व अन्य प्रक्रिया शुरू होगी।-सतीश कुमार, आरएम यूपीएसआईडीसी
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