टीम देखती रही और खेत में घुस गया तेंदुआ
किठौर। एक सप्ताह बाद शुक्रवार को तेंदुआ सर्च ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ केयर टीम के हवाले करना पड़ा। टीम ने नई लोकेशन पर तेंदुए की मौजूदगी का दावा करते हुए गाजियाबाद से मंगाया गया पिंजरा लगाया। इस बीच टीम के सामने से तेंदुआ ईंख के खेतों से होते हुए सरसों के खेत में घुस गया। डीएफओ ने भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
एक सप्ताह बाद भी तेंदुआ वन विभाग की पकड़ से दूर है। पहले तेंदुआ फतेहपुर नारायण के जंगल में रहा। टीम ने वहां भी पिंजरे लगाए थे, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने असीलपुर के जंगल में तीन तेंदुए देखने की पुष्टि की। वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने माना था कि तीन तेंदुए क्षेत्र में हैं। वन अधिकारियों को करीब 36 घंटे से तेंदुआ परिवार पुरानी लोकेशन के इर्दगिर्द नजर नहीं आ रहा था। शुक्रवार को जड़ौदा गांव के जंगल में नई लोकेशन का पता चलने के बाद सर्च ऑपरेशन में तैनात टीम ने उच्च अधिकारियों से वार्ता की। इसके बाद शुक्रवार को डीएफओ राजेश कुमार सुबह 11 बजे मौके पर पहुंचे। दोपहर करीब डेढ़ बजे वाइल्ड लाइफ केयर ओर ऐरावत डायरेक्टर जीएस खुसारिया की टीम पुन: फतेहपुर पहुंची। टीम ने तेंदुआ परिवार के पुरानी और नई लोकेशन क्षेत्र का मुआयना किया। जीएस खुसारिया ने तुरंत नई लोकेशन पर पिंजरा लगाने के निर्देश दिए। टीम गाजियाबाद से मंगाए पिंजरे को लेकर तेंदुए की नई लोकेशन पर पहुंची तो तेंदुआ टीले पर बैठा हुआ था। जो टीम को देखते ही सरसों के खेत में घुस गया। इसके बाद बराबर के ईंख के खेत में पिंजरा लगवा दिया गया। इस बार पिंजरे में मुर्गे रखवाए गए हैं।
टीले पर मिले दो सेही के अवशेष
तीन दिन पहले फतेहपुर नारायण के जंगल में एक ईख के खेत में सेही के अवशेष मिले थे। ऐसा ही शुक्रवार को देखने को मिला। असील-भड़ौली मार्ग स्थित जड़ौदा के जंगल में जब पिंजरा लेकर टीम पहुंची तो टीले पर दो सेही के अवशेष मिले। वाइल्ड लाइफ केयर की टीम को गाजियाबाद से मंगाया गया पिंजरा खराब मिला। टीम ने पिंजरे को ठीक कर लगाया।