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कालाबाजारी के राशन की जांच के लिए नहीं पहुंची टीम

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सरूरपुर। कालाबाजारी के लिए ले जाए जा रहे 160 क्विंटल सरकारी चावल के मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। डीएम द्वारा शनिवार को बनाई तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए नहीं पहुंची जबकि डीएम ने तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। चार दिन बाद भी मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने पर आपूर्ति विभाग की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
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मेरठ-करनाल हाईवे पर बृहस्पतिवार तड़के कालाबाजारी के लिए मेरठ से करनाल 160 क्विंटल चावल ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाया जा रहा था। सूचना पाकर आपूर्ति विभाग की टीम ने हाईवे पर चावल लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया था। चार दिन बाद भी आपूर्ति विभाग के अधिकारी मामले में कार्रवाई के लिए तैयार नहीं हैं। आरोपी चालक सरूरपुर थाने में तभी से बंद है, जबकि चावल एफसीआई के सरधना स्थित गोदाम में रखा हुआ है। सूत्रों के अनुसार कालाबाजारी करने वाले माफिया आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के जरिये मामले को दबाने में लगे हुए हैं। शनिवार को डीएम के. बालाजी ने सरकारी चावल के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाकर तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। टीम में एसडीएम सरधना, जिला आपूर्ति अधिकारी और कृषि विपणन अधिकारी शामिल हैं। रविवार को टीम सुबह से शाम तक जांच के लिए थाने नहीं पहुंची। वहीं लोगों का कहना है जब यह साफ है कि चावल सरकारी है तो विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों बच रहे हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी माफिया दबाव में काम कर रहे हैं। इस संबंध में आपूर्ति निरीक्षक शिखा पांडेय का कहना है कि उन्होंने रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी थी। वहां से आदेश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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