कुराली गांव स्थित प्राइमरी विद्यालय में शिक्षिकाओं की लापरवाही के चलते छुट्टी होने के बाद कक्षा एक में पढ़ने वाला छह वर्षीय बच्चा कक्षा में बंद रह गया। घर न पहुंचने पर परिजनों ने बच्चे की तलाश की। आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची महिलाओं ने बच्चे की रोने की आवाज सुनकर परिजनों को जानकारी दी। जिसको लेकर परिजनों ने हंगामा कर दिया। घटना की जानकारी पर थाना पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने ताला खुलवाकर बच्चे को कक्षा से बाहर निकाला।
छात्र जिगर पुत्र मनोज गांव के प्राइमरी विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ता है। उसके तीन चचेरे भाई भी उसी स्कूल में पढ़ते है। मंगलवार दोपहर छुट्टी के बाद उसके तीनों भाई घर पहुंच गए, पर जिगर नहीं पहुंचा। जिस पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान विद्यालय में स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र पर कुछ महिला पौष्टिक आहार लेने को पहुंची। उन्हें स्कूल के बंद कमरे में बच्चे की रोने की आवाज सुनाई पड़ी। महिलाओं ने खिड़की से झांक कर देखा तो उसमें बच्चा बंद था जबकि कक्षा के बहार ताला लगा हुआ था। उन्होंने छात्र के परिजनों को जानकारी दी। जिस पर मनोज और दादी पुष्पा अन्य ग्रामीणों के साथ स्कूल पहुंची और बच्चे को कमरे खिड़की से पानी दिया। परिजनों ने यूपी-100 पुलिस को घटना की जानकारी दी। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने प्रधानाध्यापिका शिल्पी को जानकारी दी। प्रधानाध्यापिका ने गांव निवासी शिक्षामित्र राखी से चाबी मंगवाकर बच्चे को बाहर निकाला। पुलिस नके अनुसार बच्चे ने बताया कि वह क्लास में सो गया था। जब वह जागा तो दरवाजा बंद था। वहीं, परिजनों ने स्कूल के शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों के मुताबिक कक्षा बंद करते समय एक बार चेक करना चाहिए था। वहीं, प्रधानाध्यापिका शिल्पा ने बताया कि बच्चा छूट्टी के बाद कक्षा में कैसे बंद रह गया। अन्य शिक्षिकाओं से पूछताछ की जाएगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
कोल्ड ड्रिंक पिलाकर शांत किया
परिजनों के अनुसार महिलाओं की जानकारी पर परिजन स्कूल में पहुंचे तो वहां कक्षा में बंद बच्चा जिगर रोता मिला। जिसे परिजनों ने उसे चुप करने की कोशिश की। बच्चे ने भूख की बात कही जिस पर परिजनों ने उसे कोल्ड ड्रिंग और चिप्स लाकर खिड़की से बच्चे को दिए। जिस पर बच्चा शांत हुआ।