नई पीढ़ी के हाथों में शिक्षक राजनीति की कमान
ओमप्रकाश शर्मा के निधन, हेम सिंह पुंडीर के चुनाव नहीं लड़ने, डॉ. उमेश त्यागी के चुनाव मैदान से हटने और पुराने कद्दावर नेताओं की अनुपस्थिति के कारण इस चुनाव में शिक्षक संगठनों ने पीढ़ीगत बदलाव किया है। नई पीढ़ी के हाथों में कमान के साथ भाजपा के सामने सफलता दोहराने की चुनौती रहेगी।
नामांकन की प्रक्रिया पूरी, 21 उम्मीदवार बने
शिक्षक संघ में चार और स्नातक निर्वाचन में तीन उम्मीदवारों ने मंगलवार को अंतिम दिन नामांकन किया। शिक्षक-स्नातक निर्वाचन में कुल 21 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी, नौ अक्तूबर को नामांकन पत्र वापसी का समय और 23 अक्तूबर को मतदान होगा। मतदान कराने के लिए दो प्रेक्षक आईएएस राजशेखर व सुभाष एलवाई बने हैं, जोकि मंगलवार शाम सर्किट हाउस पहुंच गए।
वे दिवंगत ओमप्रकाश शर्मा के सामने चुनाव लड़ते रहे। अब नई पीढ़ी के लिए स्थान छोड़ने का समय है। ठकुराई गुट के दोनों उम्मीदवार पूरी क्षमता से चुनाव लड़ रहे हैं। - डॉ. उमेश चंद त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट।
ओमप्रकाश शर्मा, हेम सिंह पुंडीर के बिना यह पहला चुनाव है। शर्मा गुट के उम्मीदवार पूरी ताकत से चुनाव प्रचार में जुटे हैं। - रमेश चंद शर्मा, मंडलीय अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट।