माई सिटी रिपोर्टरमेरठ। एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने, पुराने एवं अधिक प्रदूषणकारी परिवहन वाहनों के स्थान पर नए बीएस-6, सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए परिवहन विभाग की ओर से परिवर्तन योजना लागू कर दी गई है। इसका लाभ केवल एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत बीएस /यूरो-1, यूरो-2, यूरो-3 और बीएस-4 उत्सर्जन मानक वाले ट्रक एवं बसों के स्वामियों को मिलेगा। योजना के तहत बीएस-3 अथवा उससे पूर्व उत्सर्जन मानक वाले वाहनों को रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसेलिटी (आरवीएसएफ) में स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा।
एआरटीओ (प्रशासन) विकास कुमार यादव ने बताया कि बीएस-4 वाहनों को आरवीएसएफ में स्क्रैप कराया जा सकता है। प्रतिस्थापन के रूप में खरीदा जाने वाला नया और प्रयुक्त वाहन बीएस-6 और उससे उच्च उत्सर्जन मानक या इलेक्ट्रिक वाहन होना चाहिए। इसके अंतर्गत बीएस, यूरो-1, यूरो-2, यूरो-3 और बीएस-4 स्क्रैप कराकर नए बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन पर पंजीयन तिथि से 10 वर्ष तक 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।