व्यापार कर विभाग की स्पेशल इन्वेटीगेशन ब्रांच (एसआईबी) ने टैक्स चोरी का मामला पकड़ा है। अफसरों के अनुसार कबाड़ी बाजार स्थित एक बीड़ी एवं माचिस फर्म ने करीब 10 करोड़ का कारोबार किया। जिसमें करीब डेढ़ करोड़ की टैक्स चोरी की। यह चोरी प्रदेश में माल बेचकर इसे प्रदेश के बाहर दिखाकर की गई है। जांच के दौरान व्यापारी अफसरों के सामने केंद्रीय बिक्री का कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया।
एडिशनल कमिश्नर विनोद कुमार सिंह ने बताया कि कबाड़ी बाजार स्थित एक फर्म ने बीते दो वर्षों के दौरान स्थानीय स्तर से बीड़ी व माचिस खरीद का करीब 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया। जांच में सामने आया कि व्यापारी ने यूपी के अंदर से 14.5 प्रतिशत की दर से टैक्स देकर बीड़ी खरीदी और फिर उसकी आगे सेंट्रल बिक्री दिखा दी, जिस पर सिर्फ 2 फीसदी का टैक्स है।
इसके बाद व्यापारी ने फार्म-सी के माध्यम से आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) के लिए क्लेम किया। व्यापारी ने बाकी के 12.5 प्रतिशत टैक्स के लिए आईटीसी क्लेम किया। जिसका लाभ उसने प्रांत के बाहर से खरीदी गई माचिस का टैक्स चुकाने में उठाया। बीते दो वित्तीय वर्षों के दौरान उसने करीब 10 करोड़ से अधिक की धनराशि की माचिस पर 5 प्रतिशत टैक्स दिया। ऐसे में शेष आईटीसी का लाभ माचिस का टैक्स चुकाने में किया। इस प्रकार व्यापारी ने विभाग को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का चूना लगाया।
एसआईबी की जांच में पकड़ा गया मामला
एसआईबी द्वारा ऑनलाइन की जा रही जांच के दौरान व्यापारी पर शक हुआ। जिसके बाद एसआईबी की टीम फर्म पर पहुंची और उसने केंद्रीय बिक्री के कागजात मांगे। ऐसे में व्यापारी केंद्रीय बिक्री संबंधी कोई कागजात नहीं दिखा पाया। विभाग का दावा है कि व्यापारी की तरफ से बीड़ी की बिक्री प्रांत से बाहर नहीं बल्कि यूपी में की गई है और उसके द्वारा गलत तरीके से आईटीसी क्लेम किया गया। विभाग जल्द ही आगे की कार्रवाई करने जा रहा है।