एमडीए के पास पहुंची होटल दोआब की फाइल
कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम ने होटल दोआब के मामले में एमडीए को निर्देश दिए हैं। इस संबंध में होटल की फाइल एमडीए कार्यालय में सोमवार को पहुंच गई। जोनल अधिकारी का कहना है कि मंगलवार को फाइल देखने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, कमिश्नर ने इस मामले में एमडीए सचिव को प्र्रेषित किया है।
इसमें होटल मालिक या अपीलकर्ता के शमन आवेदन, मानचित्र के विषय में प्राधिकरण स्तर पर मिलीं कमियों के बारे में बताया जाएगा। वहीं, इसे ठीक करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। एमडीए को तीन सप्ताह में जो भी कार्रवाई करनी है उसकी रिपोर्ट उच्च न्यायालय में प्रस्तुत करनी होगी।
बता दें कि सितंबर 2019 में डीएम अनिल ढींगरा के निर्देश पर ज्ञानेंद्र चौधरी और सचिन चौधरी के होटल दोआब विलास पर शिकंजा कसा गया। इसका निर्माण क्लब के नक्शे पर किया गया। लेकिन इसे होटल का डिजाइन देकर कमरों का निर्माण कर लिया गया।
होटल में किए गए अवैध निर्माण पर एमडीए ने 20 अगस्त और तीन सितंबर को भी नोटिस देकर जवाब मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया था। इसके बाद होटल मालिक हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कमिश्नर कोर्ट में अपील करने के लिए कहा था।
ठंडे बस्ते में है मृत्युंजय अस्पताल की जांच
इसी जमीन के पास खसरा नंबर 373 भी सरकारी जमीन है। जिसके एक हिस्से में मृत्युंजय अस्पताल बना है। अमर उजाला ने जब इसकी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की तो जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त को इसकी जांच सौंपी थी। लेकिन अभी तक भी जांच पूरी नहीं हुई है। एमडीए से इस अस्पताल की पत्रावली ही गायब है।