- आवास विकास परिषद ने जागृति विहार एक्सटेंशन में मकान और पल्लवपुरम व गंगानगर की वेंडिंग जोन में दुकान का दिया प्रस्ताव
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर आवासीय योजना के सेक्टर-2 की महिलाओं के साथ आवास विकास परिषद के अधिकारियों की घंटों चली वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकल पाया। महिलाओं ने आवास विकास के प्रस्तावों पर विचार करने के लिए दो-तीन दिन का समय मांगा है। आवास विकास परिषद ने अपने पूर्व में दिए प्रस्तावों पर महिलाओं को सहमति बनाने के लिए कहा है।
सरकार के निर्देश पर आवास विकास परिषद शास्त्रीनगर आवासीय योजना के परिवारों के पुनर्वास के लिए विकल्प तलाश रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सभी को अनुपालन करना होगा। आवासीय भूखंडों में संचालित सभी कॉमर्शियल कार्य बंद करने होंगे। 44 भवन स्वामियों को भी शीघ्र नोटिस दिए जाने की तैयारी है। सभी के आवास नक्शे से ही बन सकेंगे। इसके लिए आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने सभी परिवारों से अपने प्रस्ताव मांगे हैं। जिसमें उन्हें विकल्प दिया गया है कि अगर वह अपने मकान तुड़वाकर नक्शे के अनुरूप बनवाते हैं तो उन्हें जागृति विहार एक्सटेंशन में दो साल तक बगैर किराए के मकान रहने के लिए दिए जाएंगे।
इसके अलावा शहर के गंगानगर, पल्लवपुरम समेत कई इलाकों में बनने वाली वेंडिंग जोन में दुकानें देने का भी प्रस्ताव सामने आया। जिस पर शीतल पुजानी समेत सभी महिलाओं ने कहा कि इस प्रकार हम सभी परिवारों को शास्त्रीनगर से उजाड़ कर ठीक नहीं किया जा रहा है। दूसरी जगहों पर मकान और दुकान दिए जाने के आश्वासनों पर कितना काम होगा, यह भी स्पष्ट नहीं है। राधा गुप्ता ने कहा कि आवास विकास परिषद के अधिकारियों की बातों पर विश्वास नहीं हो रहा है। इस पर अभी सभी परिवार मंथन करेंगे।
इस संबंध में उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने कहा कि शास्त्रीनगर के परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रयास किया जा रहे हैं। महिलाओं ने शुक्रवार को फिर से अपना मांग पत्र देने की बात कही है। इस मांग पत्र को शासन को भेजा जाएगा।
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