मेरठ में विजिलेंस ने मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक कुमार को डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। डिप्टी सीएमओ की शिकायत मवाना सीएचसी में तैनात एक डॉक्टर ने की थी। विजिलेंस टीम ने डिप्टी सीएमओ के खिलाफ सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
मवाना सीएचसी में तैनात डॉ. नीरज तोमर ने पांच दिसंबर को विजिलेंस विभाग में शिकायत की थी। आरोप है कि डॉ. नीरज से रक्षापुरम में डेंटल क्लीनिक में अनाधिकृत रूप से एकेडमी चलाने के संबंध में डिप्टी सीएमओ ने दो दिन में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था। जिसकी आख्या स्वीकृत करने के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने डॉक्टर नीरज से दो लाख रुपये की घूस मांगी।
इसकी शिकायत डॉ. नीरज ने कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार से भी की थी। विजिलेंस एसपी अभिलाष त्रिपाठी ने मामले की जानकारी के लिए इंस्पेक्टर भगवान शर्मा, सुरेंद्र पाल और देशराज सिंह समेत टीम नियुक्त की थी। डॉक्टर की शिकायती पत्र के आधार पर सुबह 8:30 बजे ही विजिलेंस टीम सीएमओ ऑफिस में लग गई। मंगलवार सुबह 11:15 बजे डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक कुमार को डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते दबोच लिया। डॉ. नीरज तोमर से रिश्वत के डेढ़ लाख रुपये लेकर डिप्टी सीएमओ ने अपनी पेंट की जेब में रखे थे। विजिलेंस टीम ने डिप्टी सीएमओ को अपना परिचय दिया और उन्हें पकड़ लिया। तलाशी में उनकी जेब में रिश्वत के डेढ़ लाख रुपये बरामद हुए। डॉ. नीरज और डिप्टी सीएमओ के हाथ धोए गए तो दोनों के हाथों का रंग गुलाबी निकला, जिससे माना गया कि बरामद पैसा रिश्वत का था।
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