मुजफ्फरनगर में भाजपा नेता संजय अग्रवाल के ट्रांसपोर्टर भाई द्वारा की गई आत्महत्या प्रकरण में एआरटीओ प्रशासन के खिलाफ तहरीर दी गई है। एआरटीओ पर परिजन प्रताड़ना सहित गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने तहरीर मिलने से इंकार करते हुए जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।
भाजपा नेता संजय अग्रवाल के भाई अजय अग्रवाल ने तीन जून की रात अपने साउथ सिविल लाइन स्थित आवास की छत पर जाकर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। संजय अग्रवाल ने बुधवार को सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके भाई ने एआरटीओ प्रशासन की प्रताड़ना के चलते आत्महत्या की है।
भाजपा नेता का कहना है कि उनके भाई की निजी रूटों पर बसें भी चलतीं हैं। दो जून को अजय अग्रवाल अपनी कुछ बसों की फिटनेस व नवीनीकरण के लिए अपने मित्र कुलदीप व शकील अहमद के साथ एआरटीओ से उनके ऑफिस में मिले थे।
आरोप लगाया कि एआरटीओ ने अजय अग्रवाल को बसों की फिटनेस कराने से इंकार करते हुए बसों के सड़क पर दिखने की स्थिति में उन्हें सीज करने और व्यवसायिक रूप से बर्बाद करने की धमकी दी।
भाजपा नेता का कहना है कि भाई की आत्महत्या के बाद उनके मित्रों ने ही इसकी जानकारी उन्हें दी, जिसके बाद एआरटीओ के खिलाफ तहरीर दी गई है। उधर, पुलिस तहरीर आने से इंकार करते हुए शिकायत आने पर जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
सएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि शाम तक थाने में तहरीर दिए जाने की उन्हें जानकारी नहीं मिली है। वह थाने से पता करा रहे हैं। कोई तहरीर दी गई है तो उसे जांच में शामिल कर तथ्य सामने आने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।