अक्तूबर शुरू होने के बाद भी गर्मी के तेवर ढीले नहीं हो रहे हैं। रविवार को तापमान का सितम 37 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंच गया। जिसने दस साल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। उमस कम नहीं हो रही, जिससे हाल बेहाल है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल गर्मी से निजात मिलने की संभावना नहीं दिख रही है।
सितंबर माह गर्मी और उमस के बीच काट चुके लोगों को उम्मीद थी कि अक्तूबर माह में मौसम बदलेगा तो तापमान गिरने से वायरल बुखार से भी राहत मिलेगी। लेकिन अक्तूबर माह के पहले ही दिन तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार को तो पारा तापमान 36 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। सुबह से ही गर्मी के तेवर तल्ख रहे। शाम को कुछ बदली छायी। लेकिन उमस बरकरार रही। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 82 और न्यूनतम 56 प्रतिशत दर्ज की गई।
कैसे रंग दिखा रहा मौसम
अमूमन अक्तूबर माह में मौसम गर्मी से सर्दी में बदलना शुरू हो जाता है। दिन भी छोटा होना शुरू हो गया है। शाम के छह बजते-बजते अंधेरा छाने लगा है। लेकिन उसके बावजूद विगत चार दिन से उमस बढ़ रही है। दिन भर तेज धूप से मई जून जैसी गर्मी से लोग परेशान हैं। रात में भी इतनी ओस नहीं पड़ रही, जितनी पड़नी चाहिए। लोग घरों और ऑफिसों में पंखे और कूलर के साथ एसी का भी प्रयोग कर रहे हैं।
फसलों में पड़ रही सिंचाई की जरूरत
ऐसे मौसम में अक्टूबर माह में फसलों में सिंचाई की जरूरत पड़ रही है। धान की फसल जहां पकनी शुरू हो गई वहीं गन्ने की फसल बनी हुई है। सिंचाई के बाद भी मिट्टी की नमी जल्दी जा रही है। ऐसे में किसानों को गन्ने में सिंचाई की जल्दी जरूरत पड़ रही है। लोगों का कहना है कि दिन और रात में अभी भी ऐसी उमस है जैसे अभी सितंबर माह की शुरूआत हुई हो।
दो अक्तूबर का तापमान
वर्ष - तापमान
2007 - 27.4
2008 - 31.3
2009 - 29.5
2010 - 32.7
2011 - 32.1
2012 - 31.4
2013 - 35
2014 - 33.9
2015 - 34.1
2016 - 36.6