इसके चलते कार्य पूरा करने की तिथि दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी गई थी। अब फरवरी 2026 खत्म होने को है और ट्रैक तय समय से लगभग सात महीने देरी से तैयार हुआ है। ट्रैक पर लेयर बिछाई जा चुकी है और वह पूरी तरह सूख भी चुकी है। हालांकि, इसके ऊपर अभी मार्किंग होना बाकी है।
मार्किंग का कार्य और प्रक्रिया
आठ लेन ट्रैक पर सभी लेन की मार्किंग की जाएगी। इसके अलावा ट्रैक के अन्य हिस्सों पर भी मार्किंग का कार्य होना है। इसमें पोल वॉल्ट और शॉटपुट के ट्रैक पर भी मार्किंग की जानी है। अधिकारियों के अनुसार, यह सभी कार्य लगभग एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा। मार्किंग के लिए अभी तक टीम तय नहीं हो सकी है, पर कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
हजारों खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ
इस सिंथेटिक ट्रैक के बनने से हजारों खिलाड़ियों को सीधा फायदा मिलेगा, क्योंकि वर्तमान में स्टेडियम में 300 से अधिक एथलेटिक्स खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। ट्रैक तैयार होने के बाद यह संख्या और भी बढ़ेगी, जिससे आसपास के जिलों से भी खिलाड़ी यहां अभ्यास कर सकेंगे।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं सिंथेटिक ट्रैक पर ही होती हैं, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास का लाभ मिलेगा। मेरठ के धावक पारुल चौधरी, भाला फेंक खिलाड़ी अन्नू रानी और प्रियंका गोस्वामी जैसे अंतरराष्ट्रीय एथलीट यहां अभ्यास कर चुके हैं।