स्वाइन फ्लू ने इस बार पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को चपेट में लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी वजह यह मानी है कि महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। इसके अलावा वह खांसी-जुकाम और बुखार की बीमारी को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेती हैं, जिस कारण चपेट में आ जाती हैं। यह खुलासा शासन को भेजी गई स्वास्थ्य विभाग की अवलोकन रिपोर्ट में हुआ है।
यह अवलोकन (ओवरव्यू) रिपोर्ट इस साल मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में मिले स्वाइन फ्लू के 412 मरीजों पर तैयार की गई है। इनमें मेरठ के 285 मरीज हैं, जबकि 127 मरीज आसपास के जिलों के हैं। मेरठ में मिले 285 मरीजों में बच्चों समेत 132 पुरुष हैं और बच्चियों समेत 154 महिलाएं हैं।
इनमें महिला वर्ग का प्रतिशत करीब 54 प्रतिशत रहा है, जबकि पुरुष वर्ग 46 प्रतिशत रहा है। साल 2017-18 में पुरुष वर्ग का प्रतिशत 56.7 प्रतिशत रहा था, जबकि महिला वर्ग का 43.3 प्रतिशत रहा था। इनमें सबसे अधिक 78 बच्चे थे, जिनकी उम्र पांच साल तक थी, जबकि इस बार पांच साल तक के बच्चों की संख्या 18 है। इस बार सबसे ज्यादा 125 मरीज 36 से 60 साल उम्र वर्ग के हैं।
इन्हें स्वाइन फ्लू होने की वजह यह मानी गई कि इन्होंने स्वाइन फ्लू के सीजन में सावधानी नहीं बरती और स्वाइन फ्लू के मरीज के संपर्क में आकर बीमार हो गए। इस साल स्वाइन फ्लू से दो लोगों की मौत हुई, जिनमें एक पुरुष और एक महिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिनकी मौत हुई है, उनमें अधिकांश हाई रिस्क जोन में थे। मसलन, वह किसी और बीमारी से भी पीड़ित थे, जैसे दिल और गुर्दा।
स्वाइन फ्लू : 13 नए मरीज मिले
नौ महिलाओं समेत 13 लोगों में मंगलवार को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें आठ मरीज मेरठ केे रहने वाले हैं, जबकि पांच मरीज मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, संभल, बागपत और बिजनौर के हैं। इन्हें स्वाइन फ्लू की मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में पुष्टि हुई है। इनका इलाज निजी और सरकारी चिकित्सालयों में चल रहा है। स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग मरीजों के अलावा उनके परिचारक को भी टेमी फ्लू की दवा दे रहा है। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि लोगों में जागरूकता की जरूरत है।
स्वाइन फ्लू रिपोर्ट
उम्र मरीज
0-5 18
6-10 12
11-15 12
16-20 06
21-25 21
26-30 29
31-35 23
36-40 34
41-45 24
उम्र मरीज
46-50 23
51-55 23
56-60 21
61-65 18
66-70 11
71-75 03
76-80 05
81-85 01
86-90 01
शहरी आए ज्यादा चपेट में
स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वाले सबसे ज्यादा शहरी लोग रहे। करीब 80 प्रतिशत शहरी और करीब 20 प्रतिशत देहात के लोगों को स्वाइन फ्लू हुआ हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता कम
जिन महिलाओं को स्वाइन फ्लू हुआ है, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम थी। जिस कारण वे जल्दी इसकी चपेट में आ गईं। पड़ताल कराकर यह रिपोर्ट तैयार कराई गई है, ताकि बीमारी के बारे में सारी जानकारी स्वास्थ्य विभाग और शासन के पास रहे। -डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी