स्वच्छ भारत मिशन की तस्वीर शहर में धूमिल हो रही है। शहर की सड़कों पर कूड़ा पड़ा है। चोक नालों और सीवर का पानी सड़कों पर बह रहा है। जलभराव से शहर का यातायात ही नहीं व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। सफाई के नाम पर शहर में औपचारिकता निभाई जा रही है। इसके चलते बुधवार को खैरनगर चौराहे से बुढ़ाना गेट चौराहे के बीच में सड़क पर सीवर का गंदा पानी बहता रहा। इसके साथ साथ हापुड़ रोड स्थित शंभु दास गेट और ताला फैक्ट्री इलाके में भी जलभराव से जनता परेशान है।
नियमित सफाई न होने से बुधवार सुबह नाले और सीवर का पानी उफनकर सड़क पर आ गया। खैरनगर चौराहे पर तो हालात इतने खराब थे कि दोपहर तक व्यापारी अपने प्रतिष्ठान नहीं खोल पाए। दोपहर बाद बाजार सही से खुल पाया। यहां की जनता नगर निगम को कोसती नजर आयी। इसके अलावा हापुड़ रोड स्थित शंभुदास गेट और ताला फैक्ट्री के आसपास की जनता पिछले एक सप्ताह से जलभराव से जूझ रही है। नगर निगम ने एक दिन पहले पंप लगवाया, लेकिन जनता को पूरी तरह से राहत नहीं मिल पायी। बुधवार को भी शंभुदास गेट के पास जलभराव और गंदगी पसरी मिली।
आए दिन की समस्या
नगर निगम सुविधाएं देने में फेल है। आए दिन नाला चोक रहता है। व्यापार चौपट हो रहा है। लेकिन अधिकारी हैं कि सुनते ही नहीं। -राजेश अग्रवाल,
चौपट हो रहा व्यापार
दिन निकलते ही अपने प्रतिष्ठान खोलने के लिए पहुंचते हैं तो दुकानों के बाहर गंदा सीवर का पानी भरा मिलता है। व्यापार प्रभावित हो रहा है। -चंद्रदीप बाटला,
नुकीली चीज से बनाए निशान, बारूद भी लगाया
एसपी देहात ने बताया कि सबसे पहला शक जॉनी के शरीर से छह गोलियां आरपार होने को लेकर ही पैदा हुआ था। मेडिकल रिपोर्ट में भी क्राइमसीन उलझ गया। इस हमले की कहानी पुलिस के जेहन में नहीं उतर रही थी। हमला तीन-चार फीट की दूरी से करना सामने आया। लेकिन सारी गोलियां पेट से नीचे मारी गईं। शक पुख्ता होने पर जोगेंद्र और जॉनी भड़ाना को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने कबूल कर लिया है कि नौकर राजा की हत्या कर उन्होेंने जॉनी के शरीर में गोली के निशान नुकीली चीज से बनाए थे। कारतूस का बारूद भी लगाया, ताकि रिपोर्ट में ऐसा प्रतीत हो जाए कि यह गोली लगी है। इसलिये ये सभी छह गोलियां पेट से नीचे लगीं। इनमें चार गोलियां के निशान पैर में बनाए गए। शरीर की खाल को खींचकर नुकीली चीज से निशान बनाए गए। पुलिस अधिकारियों ने भी मान लिया था कि जॉनी के शरीर से छह गोलियां आरपार हो गई थीं। हालांकि कोई भी गोली पेट से ऊपर लगना नहीं बतायी गयी थी।
स्वच्छ भारत मिशन को नगर निगम ही पलीता लगा रहा है। सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता हो रही है। अधिकारियों को शर्म आनी चाहिए। -कृष्णपाल
पूरे शहर में नरक
खैरनगर चौराहा मार्ग ही नहीं बल्कि पूरा शहर नरक हो रहा है। निगम अधिकारियों को सफाई पर ध्यान देना चाहिए। जनता टैक्स देती है, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलती हैं। -गिरीश कुमार,
बीमारी बांट रहा निगम
नगर निगम शहर को स्वच्छ बनाने की बजाय बीमारी बांटने का काम कर रहा है। स्वच्छ भारत मिशन तो केवल राजनीतिक शब्द बनकर रह गया है। -अनीस अहमद,
नहीं होती है सफाई
सीवर के गंदे पानी से जनता परेशान हुई। लेकिन नगर निगम को शर्म नहीं आयी। न तो सफाई होती है और न नालों की सफाई। -मासूम अली,
आठ दिन से भरा पानी
हम लोग नगर निगम को टैक्स भी देते हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। आठ दिन तक जलभराव की समस्या से जूझते रहे हैं। -जावेद अंसारी,
हमने एक दिन पहले ही ताला फैक्ट्री और शंभुदास गेट पर जलभराव से निजात के लिए पंप लगवाया था। वहां राहत है। खैरनगर चौराहा पर नाले का पानी सड़क पर जरूर बहा था। सफाई इंस्पेक्टर को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वह नाले की सफाई कराएं। -डा. कुंवरसेन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।