गौरतलब है कि इस सर्वेक्षण में टॉप रैंकिंग में आने के लिए सैन्य अधिकारियों द्वारा छावनी में साफ सफाई के लिए विशेष अभियान चलाए गए थे। नतीजन मेरठ छावनी ने स्वच्छता सर्वेक्षण में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
अपनाए थे ये उपाय
मेरठ छावनी परिषद ने प्लास्टिक से पर्यावरण को बचाने के लिये आर्मी इंजीनियर्स का सहारा लिया था। इसके लिए इंजीनियर्स ने पॉलिथीन और ईंट-पत्थर के कूड़े से खास टाइल्स का निर्माण किया और सड़कें बनाने में उनका उपयोग किया।
स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम पिछले दिनों मेरठ पहुंची थी जहां प्लास्टिक से तैयार टाइल्स को लैब में टेस्ट भी किया गया था। वहीं चौराहों पर लगे कूड़े के ढेर को खास तरह से मिट्टी से ढंककर फुलवारी लगाई गई थी। कई जगह इस प्रकार से खुले पड़े हुए कचरे को ढंककर उसे सुंदर रूप दिया गया है।
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