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विशेष: मेरठ के आसमान में दिखेगा सूर्य किरण का रोमांच, ट्रेनिंग-टीम वर्क और एयर शो की कहानी, पायलट्स की जुबानी

Fri, 18 Sep 2026 12:43 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में 19 और 20 सितंबर को सूर्य किरण एरोबैटिक टीम एयर शो करेगी। टीम के पायलट स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर विक्रम वेंकटेशन ने अमर उजाला कार्यालय में ट्रेनिंग, अनुशासन और हवाई करतबों के अनुभव साझा किए।
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सूर्यकिरण टीम के स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल, स्क्वाड्रन लीडर विक्रम वेंकटेशन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के आसमान में 19 और 20 सितंबर को भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम के पायलट्स रोमांचक हवाई करतब दिखाएंगे। मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में होने वाले इस एयर शो में नौ हॉक MK-132 विमान अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। विमानों से निकलने वाली केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरें आसमान में तिरंगे की छटा बिखेरेंगी।

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एयर शो से पहले सूर्य किरण एरोबैटिक टीम के फाइटर पायलट स्क्वाड्रन लीडर विक्रम वेंकटेशन और मेरठ निवासी स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल अमर उजाला कार्यालय पहुंचे। जहां डिम्पल सिरोही से बातचीत में दोनों अधिकारियों ने सूर्य किरण टीम, पायलटों की कठिन ट्रेनिंग, अनुशासन, एकाग्रता, टीम वर्क और एयर शो में होने वाले विभिन्न हवाई करतबों को लेकर अपने अनुभव साझा किए।

सूर्यकिरण टीम के स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल, स्क्वाड्रन लीडर विक्रम वेंकटेशन - फोटो : अमर उजाला
100 फीट तक नीचे आते हैं विमान
स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर विक्रम वेंकटेशन ने बताया कि सामान्य उड़ान के दौरान विमान 500 फीट से नीचे नहीं आता, लेकिन एयर शो के दौरान विमान करीब 100 फीट की ऊंचाई तक आते हैं। 600 से 800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ते विमान जब बेहद कम ऊंचाई पर दर्शकों के सामने से गुजरते हैं तो यह नजारा रोमांच पैदा करता है।

नौ विमान एक साथ अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरते हैं। इनकी सटीक टाइमिंग और आपसी तालमेल एयर शो का खास हिस्सा होता है।
 

सूर्य किरण एरोबैटिक टीम का हवाई प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
सूर्य किरण टीम में चयन आसान नहीं
बागपत रोड निवासी स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल ने बताया कि सूर्य किरण टीम में शामिल होने के लिए करीब 20 से 25 फाइटर पायलट आवेदन करते हैं, लेकिन इनमें से केवल दो-तीन का चयन हो पाता है। जो फॉर्मेशन आकाश में बनाए जाते हैं, उन्हें सीखने में 12 से पंद्रह साल के अनुभव के बावजूद एक पायलट को अमूमन पांच से छह महीने तक का समय लगता है। ऐसे देखें तो 1200-1500 घंटे के फ्लाइंग एक्सपीरियंस होने के बाद, और एक पायलट को 1200 घंटे की उड़ानें पूरी करने में आठ से 10 साल लगते हैं। इसके बाद ही वह सूर्य किरण टीम में शामिल होने के लिए आवेदन करता है। अनुभव और प्रदर्शन के आधार पर बेस्ट पायलट टीम में चुने जाते हैं।

छह से आठ महीने की कड़ी ट्रेनिंग
स्क्वाड्रन लीडर विक्रम वेंकटेशन ने बताया कि एयर शो के लिए पायलटों को छह से आठ महीने की कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। टीम में उड़ान के दौरान पायलटों के बीच विश्वास और आपसी तालमेल बेहद महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने बताया कि पायलट को अपने साथ उड़ान भर रहे दूसरे पायलट पर इतना विश्वास होता है कि वह उसकी तरफ देखता तक नहीं है। फॉर्मेशन में उड़ान के दौरान हर पायलट को अपनी जिम्मेदारी और दूसरे विमानों की स्थिति का पूरा ध्यान रखना होता है।

स्क्वाड्रन लीडर विक्रम वेंकटेशन- सूर्य किरण एरोबैटिक टीम (भारतीय वायु सेना) - फोटो : अमर उजाला
हॉक MK-132 है टीम का विमान
मेरठ में एयर शो के दौरान सूर्य किरण टीम नौ हॉक एमके-132 विमानों के साथ उड़ान भरेगी। हॉक MK-132 एक जेट ट्रेनर एयरक्राफ्ट है, जिसमें ड्यूल सीटिंग और ड्यूल कंट्रोल की सुविधा है।

स्क्वाड्रन लीडर विक्रम वेंकटेशन ने बताया कि सूर्य किरण एरोबैटिक टीम एशिया की एकमात्र ऐसी टीम है जिसमें नौ एयरक्राफ्ट एक साथ जमीन से करीब 100 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका, रूस और ब्रिटेन में भी एरोबैटिक टीमें हैं।

शो के दौरान दिखेंगे प्रसिद्ध लूप, बैरल रोल और डीएनए मैनूवर
19 और 20 सितंबर को होने वाले एयर शो में पायलट अलग-अलग फॉर्मेशन और मूव का प्रदर्शन करेंगे। दर्शकों को लूप, हार्ट, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैनूवर जैसे हवाई करतब देखने को मिलेंगे।

करीब 35 मिनट के प्रदर्शन के दौरान नौ विमान बेहद कम अंतर पर एक साथ उड़ान भरेंगे। उनकी सटीक टाइमिंग और आपसी तालमेल दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।

स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल, सूर्य किरण एरोबैटिक टीम (भारतीय वायु सेना) - फोटो : अमर उजाला
अमन गोयल ने बताया टीम का अभ्यास मंत्र
स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल ने टीम के अभ्यास का मंत्र बताते हुए कहा-'यू फ्लाई एवरी प्रैक्टिस लाइक डिस्प्ले, यू फ्लाई एवरी डिस्प्ले लाइक प्रैक्टिस।' यानी हर अभ्यास को प्रदर्शन की तरह और हर प्रदर्शन को अभ्यास की तरह पूरी गंभीरता और एकाग्रता के साथ किया जाता है।

1996 में हुई थी सूर्य किरण टीम की स्थापना
सूर्य किरण एरोबैटिक टीम की स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी। यह भारतीय वायुसेना की ब्रांड एंबेसडर टीम है। टीम का होम बेस नॉर्थ कर्नाटक कि बिदर में है। देश के अलग-अलग शहर में एयर शो से कुछ दिन पहले टीम नजदीकी एयरबेस पर पहुंचकर अभ्यास शुरू कर देती है। नजदीकी एयरबेस से ही उड़ान भरी जाती हैं और शो के बाद टीम वापस होम बेस लौट जाती है। इस समय टीम हिंडन एयरबेस पर है।

स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल ने बताया कि सूर्य किरण का अर्थ उगते सूर्य की किरणों और लालिमा से है। इसी वजह से टीम की थीम लाल और सफेद रखी गई है और पायलट लाल रंग की यूनिफॉर्म पहनते हैं।

सूर्य किरण एयर शो - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के तीन पायलट भी शामिल
मेरठ शहर के तीन स्क्वाड्रन लीडर सूर्य किरण टीम का हिस्सा हैं। इनमें स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल, स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह और स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल शामिल हैं। अमन गोयल की पढ़ाई शहर के सेंट मैरीज स्कूल से हुई है। 19 और 20 सितंबर को मेरठ निवासी तीन पायलट्स को शहर के आसमान में हवाई करतब दिखाते हुए स्थानीय लोगों के लिए उन्हें देखना खास आकर्षण रहेगा।

तिरंगे की छटा से रंगेगा मेरठ का आसमान
एयर शो में हॉक MK-132 विमानों से केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरें निकलेंगी। इससे आसमान में तिरंगे की छटा दिखाई देगी। एयर शो का मुख्य आकर्षण स्वदेशी स्मोक पॉड्स होंगे। इन्हें नासिक स्थित वायुसेना के बेस रिपेयर डिपो में विकसित किया गया है। इनकी मदद से ही विमान हवा में राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों की आकृतियां बनाएंगे।

युवाओं को सशस्त्र बलों से जोड़ना भी उद्देश्य
स्क्वाड्रन लीडर अमन ने बताया कि सूर्य किरण का उद्देश्य केवल हवाई करतब दिखाना नहीं है। ऐसे आयोजन युवाओं को भारतीय वायुसेना और सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी हैं।

स्क्वाड्रन लीडर विक्रम के अनुसार एयर शो हर उम्र के व्यक्ति को आकर्षित करता है और लोगों को वायुसेना की उड़ान, अनुशासन और टीम वर्क को करीब से देखने का अवसर देता है।
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कार्यक्रम स्थल पर सूर्यकिरण टीम के पायलट्स - फोटो : अमर उजाला
मोहिउद्दीनपुर में हो रही तैयारियां
19 और 20 सितंबर को होने वाला एयर शो परतापुर क्षेत्र स्थित मोहिउद्दीनपुर न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में होगा। समय सुबह 9 बजकर45 मिनट से लेकर 11 बजकर 30 मिनट रहेगा। साउथ मेट्रो स्टेशन के पास स्थित आयोजन स्थल पर करीब 100 बीघा जमीन में तैयारियां की गई हैं। दर्शकों के लिए तीन प्रवेश मार्ग, बड़ा खुला पंडाल और खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है। वीवीआईपी और वीआईपी के लिए अलग व्यवस्था रहेगी।

शुक्रवार को वायुसेना के अधिकारियो और मेरठ प्रशासन के अधिकारियो ने दो दिन होने वाले एयर शो की डिस्प्ले साइट पर पहुंचकर जायजा लिया। इस दौरान वायुसेना के पांच विमानों ने आसमान अभ्यास किया। इस दौरान वायुसेना के अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओ और तैयारी को परखा। प्रसाशनिक अधिकारियों ने बताया की कार्यक्रम स्थल पर तीन गैलरी बनाई जाएंगी। पीछे की ओर पार्किंग स्थल बनाया गया है।

घर, दुकान और खेत से भी शो देख सकेंगे आसपास के लोग
डीएम वीके सिंह ने बताया कि आसपास के लोग अपने घर, दुकान और खेत से भी एयर शो देख सकते हैं। कॉलेज, स्कूल के छात्र-छात्राओं और युवाओं को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। आयोजन स्थल पर पार्किंग और दर्शकों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था भी की गई है। यह उत्तर प्रदेश में सूर्य किरण टीम का दूसरा एयर शो होगा। इससे पहले टीम लखनऊ में प्रदर्शन कर चुकी है।
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