पांच विमानों ने किया पूर्वाभ्यास
शुक्रवार को वायुसेना के पांच विमानों ने मोहिउद्दीनपुर के आसमान में पूर्वाभ्यास किया। सूर्य किरण विमानों की हवा में कलाबाजियां देखकर लोग दंग रह गए। पूर्वाभ्यास के दौरान फाइटर पायलटों ने अलग-अलग हवाई करतबों का प्रदर्शन किया।
डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एडीएम सिटी बृजेश सिंह, एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले, एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव, वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर तुषार शर्मा, स्क्वाड्रन लीडर संजेश सिंह और स्क्वाड्रन लीडर विक्रम वेंकटेशन ने आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पांच मीटर की दूरी पर उड़ेंगे विमान
स्क्वाड्रन लीडर तुषार शर्मा ने बताया कि भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एशिया की इकलौती नौ एयरक्राफ्ट एयरोबेटिक टीम है। उनके अनुसार विमान कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी की कमान में एक-दूसरे से पांच मीटर की दूरी पर उड़ान भरकर वायुसेना के प्रोफेशनलिज्म और एक्यूरेसी का प्रदर्शन करेंगे।
नौ हॉक विमान दिखाएंगे करतब
कल सुबह भी नौ बजे नौ हॉक एमके-132 विमान आसमान में उड़ान भरेंगे। करीब 35 मिनट के प्रदर्शन के दौरान नौ विमान बेहद कम अंतर पर एक साथ अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
दर्शकों को लूप, हार्ट, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैन्यूवर जैसे हवाई करतब देखने को मिलेंगे। विमानों से निकलने वाली केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरें आसमान में तिरंगे की छटा बिखेरेंगी।
मेरठ के तीन पायलट टीम का हिस्सा
सूर्य किरण एयरोबेटिक टीम में मेरठ निवासी स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल, स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह और स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल भी शामिल हैं। एयर शो के दौरान मेरठ के तीन पायलट भी आसमान में करतब दिखाएंगे।
गाजियाबाद से आने वाले भारी वाहनों पर रोक
गाजियाबाद की ओर से आने वाले किसी भी भारी वाहन को मेरठ की तरफ आने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहनों को मोदीनगर से भोजपुर की ओर डायवर्ट कर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के रास्ते उनके गंतव्य तक भेजा जाएगा।
काशी टोल प्लाजा से भी भारी वाहनों को मोदीनगर और गाजियाबाद की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। हापुड़ की ओर से मेरठ आने वाले भारी वाहनों को टियाला अंडरपास से डायवर्ट किया जाएगा।
सिवालखास-गेझा रोड पर आवागमन बंद
सिवालखास से गेझा रोड पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। टीपी नगर गेट और दिल्ली रोड की ओर से आने वाले भारी वाहनों को बिजली बंबा बाईपास के रास्ते उनके गंतव्य की ओर भेजा जाएगा।