सूर्य के मेष राशि में प्रवेश से अमृत तुल्य योग
मेरठ। ग्रहों की दशा दिशा में हो रहे परिवर्तनों के बीच इस बार सूर्य 13 व 14 अप्रैल की रात मेष राशि में प्रवेश कर चुका है। इस पुण्यकाल के संयोग से हरिद्वार कुंभ के शाही स्नान का महत्व बढ़ गया है।
मेष मंगल के आधिपत्य वाली राशि है। आचार्य कौशल वत्स ने बताया सूर्य ग्रहों के राजा हैं। मंगल देवसेनापति माने जाते हैं। सूर्य व मंगल आपस में मित्र हैं। इसका अर्थ यह है कि सूर्य अपने मित्र की राशि में प्रवेश कर गए हैं। वर्ष के राजा व मंत्री पद पर मंगल की नियुक्ति है। ऐसे में सूर्य का मंगल की राशि में प्रवेश अति विशेष हो गया है। वहीं, सूर्य के इस परिवर्तन का सभी 12 राशियों पर प्रभाव देखने को मिलेगा।
ज्योतिष वैज्ञानिक भारत ज्ञान भूषण का कहना है कि इस स्थान पर सूर्य उच्च माना गया है। वहीं, इस समय सूर्य के साथ शुक्र भी विराजमान हो गए हैं, जोकि अति विशेष महत्व रखते हैं। जब यह अपने मित्र मंगल ग्रह की राशि में विचरण करते हैं, तो जातक को समृद्ध बनाते हैं। सूर्यदेव इस स्थान पर 14 मई अक्षय तृतीया तक रहेंगे। सूर्य का राशि परिवर्तन हर राशि पर प्रभाव डालता है।
आचार्य संजय त्रिपाठी ने बताया कि हरिद्वार कुंभ का महत्व बृहस्पति के कुंभ और सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के कारण है। ग्रहों की यह असाधारण स्थिति गंगा के जल को इस तरह औषधिकृत कर देता है, जिससे कुंभ पर्व के विशेष दिनों में यह अमृतमय हो जाता है। एक माह तक यह अमृत योग बना रहेगा।
---
फलदायी है चैत्र मास
- ज्योतिष में बताए गए अन्य उपायों से जब कार्य सिद्धि नहीं होती, तब चैत्र की नवरात्रि में की उपासना सिद्धि प्रदान करती है। चैत्र महीने से ज्योतिष का बहुत गहरा संबंध है। इस महीने से शुभता और ऊर्जा का आरंभ होता है। चित्रा नक्षत्र से संबंध होने के कारण इसका नाम चैत्र है। इस महीने में वसंत का अंत और ग्रीष्म का आरंभ होता है। इस महीने में सूर्य और देवी की उपासना लाभदायक होती है।