खैरनगर की रहने वाली एक महिला नींद न आने और तनाव की शिकायत लेकर जिला अस्पताल आई थीं। मन कक्ष में उसकी काउंसिलिंग की गई तो पता चला कि पति ज्यादा बात नहीं करता है, जिससे वह परेशान रहती है। उनके मन में दिनभर यही चलता रहता है। अपने भविष्य को लेकर सोचती रहती हैं और डिप्रेशन की शिकार हो गई हैं। इनके पति की भी काउंसिलिंग की गई, अब महिला ठीक है।
बच्चा पार्क के रहने वाला एक 40 वर्षीय युवक जिला अस्पताल आया। वह सिरदर्द और मानसिक रूप से तनाव में था। काउंसिलिंग में पता चला कि कोरोना काल में उसकी नौकरी छूट गई थी। तब से वह अच्छी नौकरी नहीं तलाश पाया। ऑनलाइन वर्क करके थोड़ी कमाई कर लेता है। पत्नी उसे ताने देती है, जिससे वह परेशान रहता है। सिरदर्द बना रहता है। उसकी पत्नी की भी काउंसिलिंग की गई है।
दो मीठे बोल कम कर सकते हैं तनाव
जिला अस्पताल की क्लिनिकल साइक्लोजिस्ट डॉ. विभा नागर ने बताया कि दंपती में हंसी मजाक और प्यार का इजहार होना चाहिए। काउंसिलिंग में पतियों को प्यार से बात करने की सलाह दी जाती है। महिलाओं को भी समझाया गया है।
परिवार का सहयोग जरूरी
जिला अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेंद्र किशोर ने बताया कि महिलाओं में एडजस्टमेंट डिसऑर्डर (समायोजन मनोविकार) की समस्या बढ़ रही है। ओपीडी में अधिकतर महिलाओं में इसी तरह की समस्या सामने आ रही है। ऐसी महिलाओं को ठीक करने के लिए परिवार और दोस्तों के सहयोग की भी जरूरत पड़ती है।