इस पर उच्चाधिकारियों के आदेश पर गुरुवार को रोडवेज के ट्रैफिक इंस्पेक्टर रामगोपाल वर्मा ने सिटी स्टेशन से सवारियां लेकर रवाना हुई बस संख्या यूपी15एफटी-4701 को सीसीएसयू के पास चेक किया। चेकिंग के समय बस में 35 सवारियां थी, जिनमें 23 के पास टिकट नहीं मिला। कंडक्टर कृष्णवीर ने पहले बताया कि सवारियों ने किराया नहीं दिया। जब सवारियों से पूछा तो सभी ने बताया कि 25-25 रुपये किराया देने पर भी परिचालक ने टिकट नहीं दिया है।
उच्चाधिकारियों के आदेश पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए मेडिकल थाने पहुंचे। थाना प्रभारी ने तहरीर में खामियां बताकर वापस कर दिया। दोबारा पहुंचे तो कहा परिचालक का पूरा विवरण लिखकर लाएं।
शुक्रवार को तीसरी बार परिचालक का विवरण लिखकर पहुंचे तो फिर टरका दिया। अफसरों के कहने पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर फिर थाने पहुंचे तो थाना प्रभारी ने तहरीर ही लेने से मना कर दिया और तर्क दिया कि विभागीय मामला है, बेहतर होगा कि अफसर जांच करके कार्रवाई करें। उन्होंने स्वयं का परिचय भी दिया मगर थाना प्रभारी ने नहीं सुनी।
-मेडिकल थाना प्रभारी दिनेश कुमार उपाध्याय का कहना है कि रोडवेज अफसर विभागीय जांच करके दोषी पर कार्रवाई करें। रिपोर्ट दर्ज करवानी है तो विभाग के माध्यम से पत्र भेजा जाए।
-एआरएम (वित्त) मुकेश अग्रवाल का कहना है कि मामला गंभीर है और उच्चाधिकारियों तक पहुंच गया है। अब मेडिकल थाना पुलिस को रजिस्टर्ड डाक से तहरीर भेजी जाएगी।