प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नकली दवाओं को सप्लाई करने का धंधा काफी समय से चल रहा था, जबकि औषधि प्रशासन को इसकी सूचना करीब दो माह पहले मिली थी।
बताया गया था कि खैरनगर में अफसर उर्फ अफसार नाम का व्यक्ति जो एफडीसी कंपनी में अपने आपको प्रतिनिधि (एमआर) बताता है, वह खैरनगर में नकली दवाई सप्लाई करता है। औषधि निरीक्षक पवन शाक्य के अनुसार उसके बाद से जानकारी जुटानी शुरू की गई थीं।
कहां लगा रखी थी फैक्टरी
औषधि निरीक्षक के अनुसार आरोपी ये दवाइयां बेहद सस्ती कीमत पर दे रहे थे। एक स्ट्रिप (दवा का पत्ते) पर 110 कीमत लिखी थी। लेकिन उसे महज 20 रुपये में दे रहे थे।
अब इसकी पड़ताल पुलिस करेगी कि आरोपियों ने दवा बनाने की फैक्टरी कहां लगा रखी थी और यह किस-किस को सप्लाई करते थे। जिस तरह से ये ब्रांडेड कंपनियों का लेबल इस्तेमाल करते थे, उसमें ब्रांडेड कंपनियां भी एफआईआर दर्ज करा सकती हैं।
ये रहे टीम में शामिल
नकली दवाओं की बरामदगी के दौरान की गई कार्रवाई में लिसाड़ी गेट पुलिस के अलावा औषधि निरीक्षक बुलंदशहर दीपा लाल, औषधि निरीक्षक बिजनौर आशुतोष मिश्रा, औषधि निरीक्षक बागपत वैभव बब्बर भी साथ रहे।
इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट प्रशांत कपिल ने बताया कि आरोपी आदिल ने टीम पर जानलेवा हमला किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए और एक कार भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। आरोपियों को न्यायालय ने 12 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/