महापौर का चुनाव जीतीं बसपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा को कांटों का ताज मिला है। शहर में पानी, पथ प्रकाश, सफाई, कूड़ा निस्तारण प्लांट, मल्टी लेबल वाहन पार्किंग, अतिक्रमण, जलभराव से मुक्ति, डेरियां आदि समस्याओं का अंबार है। इनके अलावा भी शहर में ऐसी समस्याएं हैं जिनका निस्तारण केवल नगर निगम ही कर सकता है।
पूर्व महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने अपने पांच साल के कार्यकाल में 500 करोड़ से अधिक का विकास कराया। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को भी धरातल पर उतारने का प्रयास किया। लेकिन उप्र में विपक्ष यानी सपा की सरकार थी। जिसके कारण कूड़ा निस्तारण से लेकर डोर टू डोर कूड़ा उठाना, डेरियों के खिलाफ कार्रवाई, अतिक्रमण, एलईडी, मल्टी लेबल पार्किंग, सीवर और पानी की पाइप लाइन, पार्कोँ का सौंदर्यीकरण आदि सभी योजनाएं फाइलों में ही कैद रहीं। यह तब रहा, जबकि केंद्र में भाजपा की सरकार रही। ठीक उसी प्रकार हालात अब भी ऐसे ही देखे जा रहे हैं। क्योंकि अब केन्द्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, जबकि नगर निगम में बसपा की सरकार बन रही है। ऐसी विषम परिस्थितियों में सुनीता वर्मा शहर का कितना विकास कर पाएंगी, यह तो समय ही बताएगा।
ये हैं शहर में अधूरी योजनाएं
शहर के प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर
शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ठोस यातायात योजना
मल्टी लेबल वाहन पार्किंग
प्रत्येक घर तक पाइप लाइन से पानी और सीवर लाइन पहुंचवाना
कूड़ा निस्तारण प्लांट लगवाना
डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू कराना
शहर के प्रत्येक भवन में शौचालय बनवाना
महानगर में हर घर में डस्टबिन रखवाना
पार्कों का सौंदर्यीकरण कराना
डेरियों को शहर से बाहर करना
शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए तली झाड़ नालों की सफाई कराना
शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार
शहर की सड़क, नाले और सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराना
एमडीए से स्वीकृत कॉलोनियों को निगम के हैंडओवर करना