मेरठ। मेडिकल थाना क्षेत्र में रिटायर्ड दरोगा के इंजीनियर बेटे विमल त्यागी उर्फ शैंकी की हत्या के मामले में पुलिस ने 25 हजार के इनामी सुनील फौजी को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को मुख्य आरोपी संजय मानपुर और उसके भांजे विशाल ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। अन्य आरोपियों को पुलिस तलाश कर रही है।
न्यूटिमा अस्पताल के सामने रविवार रात चाय की दुकान पर जागृति विहार सेक्टर-2 निवासी रिटायर्ड पुलिस दरोगा प्रमोद त्यागी के इंजीनियर बेटे विमल उर्फ शैंकी की लाठी-डंडों और चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई थी। पिता ने भावनपुर क्षेत्र के मानपुर गांव निवासी संजय और उसके भाई मोनू, भांजे कंकरखेड़ा निवासी विशाल और दोस्त सुनील फौजी व सागर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विमल का संजय मानपुर से 80 हजार रुपये को लेकर विवाद था। कई बार वापस मांगने पर भी वह रुपये वापस नहीं कर रहा था।
दो सितंबर को संजय मानपुर ने विमल और उसके साथियों के खिलाफ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए मेडिकल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मुकदमे में कोई कार्रवाई नहीं की। तभी से संजय मानपुर अपने साथियों संग विमल से बदला लेने की फिराक में था। इसकी भनक लगने पर विमल ने सीएम पोर्टल पर शिकायत कर संजय व उसके भाई मोनू और भांजे विशाल से जान का खतरा जताया था। हत्यारोपियों के हाथ न आने पर एसएसपी ने शुक्रवार को सभी आरोपियों पर 25-25 हजार के इनाम की घोषणा की थी। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि सुनील फौजी निवासी धनौरा टीकरी बागपत को कंकरखेड़ा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। वह मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार में रह रहा था। न्यायालय में पेश कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।