फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीनी स्टॉक बेचा, नहीं किया भुगतान  

Mon, 26 Sep 2016 04:22 PM IST
राजदीप जाखड़/मो. शाह आलम/मेरठ
विज्ञापन
गन्ने की फसल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गन्ना विभाग के तमाम दावों और किसानों की पीड़ा को नजरअंदाज कर बेखौफ शुगर मिल मालिक अपनी मनमानी कर रहे हैं। गन्ना आयुक्त की मीटिंग में 30 सितंबर तक किसानों का संपूर्ण गन्ना भुगतान अदा करने का वादा करने वाली किनौनी शुगर मिल ने चीनी का संपूर्ण स्टॉक बेच दिया और किसानों को इसका भुगतान नहीं किया। चीनी मिल पर किसानों का 53 करोड़ 40 लाख रुपया बकाया है। सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना के सचिव ने मिल मालिक समेत प्रबंधन से जुड़े छह अधिकारियों के खिलाफ रोहटा थाने में तहरीर दी है। 
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 के तहत मिलों द्वारा उत्पादित चीनी की टैगिंग की जाती है। जिलाधिकारी द्वारा किए जाने वाले टैगिंग आदेश में उत्पादित चीनी के बंधक पर बैंक से प्राप्त होने वाली अग्रिम धनराशि की 85 फीसदी धनराशि किसानों के गन्ना मूल्य खाते में स्थानांतरित करने का प्रावधान होता है। लेकिन चीनी मिल इसका उल्लंघन करते हुए बिक्री हुई चीनी की धनराशि का डायवर्जन करती रहती हैं। बजाज ग्रुप की किनौनी शुगर मिल ने पेराई सत्र 201-16 के संपूर्ण चीनी स्टॉक को बेच दिया, लेकिन उससे प्राप्त धनराशि गन्ना मूल्य में नहीं भेजी। 

सचिव के निरीक्षण में नहीं मिली चीनी
सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना के सचिव डॉ. सचिन कुमार ने मिल के चीनी गोदाम का निरीक्षण किया तो संपूर्ण चीनी स्टॉक वहां नहीं मिला। संबंधित मिल अधिकारियों से इस बाबत पूछा तो बताया कि मिल के पास अब चीनी नहीं है। इसलिए वह किसानों का बकाया भुगतान आगामी पेराई सत्र 2016-17 में तैयार होने वाली चीनी से ही कर सकेंगे। 
विज्ञापन


20.51 करोड़ की चीनी का डायवर्जन 
डॉ. सचिन ने बताया कि मिल पर पेराई सत्र 2015-16 का 344 करोड़ 25 लाख रुपये गन्ना मूल्य देय है। जिसमें से मिल ने 305 करोड़ 41 लाख रुपये भुगतान किया है। 38 करोड़ 84 हजार गन्ना मूल्य और 14 करोड़ 56 हजार विलंब ब्याज समेत कुल 53 करोड़ 40 लाख रुपये बकाया है। इस सत्र में मिल ने 12 लाख 27 हजार 850 कुंतल चीनी उत्पादित की थी, जिसकी संपूर्ण बिक्री की जा चुकी है। बिक्री से मिल को 416 करोड़ 38 लाख रुपये प्राप्त हुए, जिसकी 85 फीसदी धनराशि 353 करोड़ 92 लाख होती है। इसमें से 20 करोड़ 51 लाख की धनराशि गन्ना मूल्य मद में भुगतान न करके डायवर्ट की गई है। जो जिलाधिकारी के टैगिंग आदेश का उल्लंघन है। 

किसानों के उड़े होश 
मिल द्वारा संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान करने से हाथ खड़े करने और चीनी स्टॉक बेचने की सूचना से क्षेत्र के किसानों के होश उड़ गए हैं। किसानों का कहना है कि टुकड़ों में मिलने वाला भुगतान किसी काम नहीं आता है। 

रोहटा थाने में दी तहरीर
उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने बताया कि मामले में मिल मालिक कुशाग्र बजाज, अध्यासी टीएस ढाका, प्रधान प्रबंधक (लेखा) संजीव कुमार, उप महाप्रबंधक (गन्ना) हितेंद्र सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक सेल पीके शुक्ला, सुरक्षा हैड अखिल कुमार आदि के नाम रोहटा थाने में मलियाना सचिव ने तहरीर दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें