लावारिस गोवंश से बचाव के लिए ग्राम प्रधानों से मांगे सुझाव
रोहटा। सांड़ के हमले में बैंक अधिकारी और एक महिला की मौत होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। बुधवार को ब्लॉक सभागार में आयोजित बैठक में ग्राम प्रधानों और ब्लॉक अधिकारियों ने बैठक की। बैठक में लावारिस गोवंश से बढ़ती परेशानी को लेकर सुझाव मांगे और समस्या के निस्तारण के लिए रणनीति बनाने को लेकर चर्चा की गई। बैठक में कई बार हंगामा भी हुआ। प्रशासन की लापरवाही को लेकर रोष व्यक्त किया गया।
बैठक में रसूलपुर मढ़ी के प्रधान दीपक कुमार ने कहा कि सभी लावारिस गोवंश को मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम या विक्टोरिया पार्क में छोड़ दिया जाए, डीएम उनकी देखभाल मेरठ में करा लेंगे। उन्होंने कहा कि अभी कुछ महीने पहले ही तीन ट्रक में गोवंश लादकर टिमकिया गौशाला में छोड़े गए थे, लेकिन कुछ दिन बाद ही गांव में चार ट्रक गोवंश छोड़कर कुछ लोग फरार हो गए।
प्रधानों ने कहा कि एक गौशाला गांव भोला में सिंचाई विभाग की जमीन पर बनवा दी जाए। रासना के ग्राम प्रधान अमरीश त्यागी ने कहा कि गोवंश को उकसिया गौशाला में छोड़ आते हैं, लेकिन अव्यवस्था के चलते वहां गोवंश भूखे मरते हैं। जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक ने कहा कि गांव-गांव में कमेटी बनाई जाए और यह तय किया जाए कि जो भी व्यक्ति गोवंश छोड़ेगा, उस पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। ग्राम प्रधानों और ब्लॉक अधिकारियों की थाने पर बैठक हो। गांव में घर-घर पशुओं की गणना करा ली जाए।
रासना के ग्राम प्रधान अमरीश त्यागी ने 10 बीघा सरकारी जमीन गौशाला के लिए देने की घोषणा की। सलाहपुर के ग्राम प्रधान नजाकत उर्फ गोटी ने गांव में पांच बीघा जमीन गौशाला को देने का प्रस्ताव रखा। एडीओ पंचायत विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि आलमगीरपुर, गांव जंगेठी, घसौली, जिंजोखर में भी गौशाला बनाने के लिए जमीन है। आलमगीरपुर में सरकारी जमीन पर से कब्जा हटाकर गौशाला बनवाई जा सकती है। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी प्रभात कुमार श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत विश्वेंद्र सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रिंकू, कुलदीप हुड्डा, अरुण प्रधान, सुधीर कुमार, सलीम मलिक, बिजेंद्र सिंह, विजयपाल, सतीश कुमार, मौजूद रहे।