रोग को नियंत्रित करने के उपाय
डॉ. बीएस तोमर ने बताया कि प्रथम अवस्था में बावस्टिन 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव से बहुत लाभ मिलता है। द्वितीय अवस्था में कॉपर ऑक्सी क्लोराइड या डाइथेन एम-45 दो ग्राम प्रति लीटर पानी या कार्बडाजिम 0.1 प्रतिशत (1 ग्राम/लीटर पानी) के कम से कम दो छिड़काव करे। अथवा कोनिका 250 ग्राम, मैजिक स्प्रे 700 ग्राम प्रति एकड़ पर्णीय छिड़काव करे। या कोनिका 250 ग्राम, सुपर मैजिक 3 किलोग्राम, यूरिया 25 किलोग्राम प्रति एकड़ सिंचाई के बाद प्रयोग करना लाभदायक होता है।
कर रहे जागरूक
कुछ क्षेत्रों में गन्ने की फसल में पोक्खा बोइंग रोग का प्रकोप दिखाई दे रहा है। गन्ना विभाग के अधिकारी गोष्ठी के माध्यम से किसानों को जागरूक कर रहे हैं और रोग पर नियंत्रण करने की जानकारी भी दे रहे हैं।
- राजेश मिश्र, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र
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