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Meerut News: चीनी मिलें चली नहीं तो किसानों को सस्ते दामों में बेचना पड़ रहा है गन्ना

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क्रेशर में गन्ने की पेराई करते हुए
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मेरठ। चीनी मिल नहीं चली हैं। आलू और सरसों की फसल की बुवाई के लिए किसान गन्ने की फसल काटकर खेत खाली कर रहे हैं। किसानों को सस्ते दामों में गन्ना क्रेशर पर बेचना पड़ रहा है। इससे किसान को आर्थिक नुकसान पहुंच रहा है। उधर, क्रेशर मालिक इस बार बारिश अधिक होने के कारण गन्ने के रस में पानी की मात्रा अधिक होना बता रहे हैं। गुड़ बनाने में भी अधिक लागत लगानी पड़ रही है।
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मेरठ के आसपास जनपद यानी पश्चिम उप्र में गन्ने की खेती अधिक की जाती है। मेरठ मंडल में मोहिउददीनपुर, किनौनी, नंगलामल, दौराला, मवाना, सकौती, मोदीनगर, सिंभावली, अगौता समेत कई चीनी मिलें हैं। इनमें से एक भी चीनी मिल अभी तक चली नहीं है। उधर 20 अक्तूबर से आलू की बुवाई शुरू होनी है। सरसों की बुवाई भी साथ साथ चलती है। नई फसल लेने के लिए किसानों ने गन्ने की फसल काटनी शुरू कर दी है। अगर किसान चीनी मिल चलने का इंतजार करते रहे तो उचित समय पर आलू और सरसों की बुवाई नहीं कर पाएंगे।
सरकार ने पिछले साल गन्ने का रेट 370 रुपये प्रति क्विंतल दिया था। हालांकि अभी सरकार ने गन्ने के नए रेट की घोषणा नहीं की है। अगर पुराने रेट की भी बात करें तो इस समय जो किसान अपना गन्ना देहात में संचालित गुड़ क्रेशरों पर बेच रहे हैं। उनको प्रति क्विंतल गन्ने के भाव पर कम से कम 100 रुपये का नुकसान हो रहा है। कारण है कि क्रेशर मालिक 260 से 280 रुपये प्रति क्विंतल गन्ना खरीद रहे हैं। वह भी उधार। किसान मजबूरी में क्रेशरों को गन्ना बेच रहे हैं।
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गुड़ थोक में 4000 से 4400 रुपये प्रति क्विंतल
- नवरात्र से गुड़ क्रेशर चल रहे हैं। एक सप्ताह से हापुड़ गुड़ मंडी में पेडी, पांच किलो, बाल्टी गुड के रेट की बात करें तो बाल्टी गुड प्रति क्विंतल 4 हजार रुपये, पेडी 4400 रुपये और पांच किलो गुड़ 4200 रुपये प्रति क्विंतल चल रहे हैं। सबसे अच्छे दाम पेड़ी गुड के मिल रहे हैं।

साढ़े चार क्विंतल गन्ने में तैयार हो रहा है 40 किलो गुड़
- क्रेशर संचालकों की मानें तो 2025 में बारिश अधिक हुई है। इसका असर गन्ने पर भी पड़ा है। गन्ने की फसल अच्छी तो हुई है, लेकिन रस में पानी की मात्रा अधिक है। इस गन्ने के रस से गुड़ तैयार करने में लागत अधिक आ रही है। साढ़े चार क्विंतल गन्ने से 40 किलो गुड़ तैयार हो रहा है, जबकि पिछले साल इन दिनों में चार क्विंतल गन्ने से 40 किलो गुड़ तैयार होता था। फिलहाल गुड़ तैयार करने के लिए चीनी मिलाई जा रही है। जिसमे क्रेशर मालिक की अधिक लागत आ रही है। एक क्विंतल गुड़ तैयार करने में 3500 से 4000 रुपये क्विंतल की लागत आ रही है।

- दीपावली के बाद गन्ने से गुड की रिकवरी अधिक होनी शुरू हो जाएगी। संभवत गुड़ और गन्ने के दाम भी बढ़ेंगे। किसान को भी लाभ होगा। - लीलू प्रजापति, संचालक, क्रेशर।
- सरकार को गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंतल घोषित करके शीघ्र चीनी मिल चलाने के निर्देश जारी करने चाहिए। मजबूरी में किसान गन्ना क्रेशर पर कम दाम में बेच रहा है। किसान को खेत में दूसरी फसल भी बोनी है। किसान को भारी नुकसान हो रहा है। अनुराग चौधरी, जिलाध्यक्ष भाकियू।

क्रेशर में गन्ने की पेराई करते हुए

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